भोपाल: देश का हृदयप्रदेश कहा जाने वाला मध्यप्रदेश अब भारत में पशु कल्याण, गौ-संरक्षण और दुग्ध उत्पादन का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभर रहा है। सीएम डॉ. मोहन यादव के स्पष्ट संकल्प के चलते मध्यप्रदेश अब देश की ‘मिल्क कैपिटल’ बनने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है।मध्यप्रदेश सरकार ने पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए अपनी तिजोरी खोल दी है। गहन पशु विकास परियोजना के तहत बजट में 838 करोड़ रुपये का बड़ा प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही, पशु कल्याण सेवाओं के विस्तार के लिए 79 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं और पशुपालकों को आर्थिक मजबूती देने के लिए 2 लाख रुपये तक का बिना गारंटी लोन देने का ऐतिहासिक प्रावधान किया गया है। सरकार का लक्ष्य देश के कुल दुग्ध उत्पादन में मध्यप्रदेश का योगदान बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक पहुंचाना है । दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता सुधारने के लिए राजधानी भोपाल में सहकारी क्षेत्र की अत्याधुनिक ‘केंद्रीय राज्य स्तरीय डेयरी परीक्षण प्रयोगशाला’ स्थापित की जा रही है। इसके लिए भारत सरकार ने 12 करोड़ 40 लाख रुपये का अनुदान दिया है ।ग्वालियर में देश का पहला 100 टन क्षमता वाला सीएनजी प्लांट गौशाला में स्थापित किया गया है, जो गोबर से ऊर्जा उत्पादन का एक बेहतरीन उदाहरण है।
‘गोरस’ ऐप से डिजिटल क्रांति:
पशुपालन के क्षेत्र में तकनीक का इस्तेमाल करते हुए मध्यप्रदेश में ‘गोरस’ (Goras) ऐप लॉन्च किया है, जो पशुओं का सटीक डाइट चार्ट और मुफ्त वैज्ञानिक परामर्श प्रदान करता है। इसके अलावा, प्रदेश की चलित मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयों द्वारा अब तक 15.16 लाख से अधिक पशुपालकों के घर पहुंचकर सीधे इलाज और सेवाएं दी जा चुकी हैं।




