नई दिल्ली: भारत में जल्द ही करेंसी नोटों का स्वरूप बदल सकता है। हो सकता है कि आने वाले समय में आप भारत में कागज की बजाए प्लास्टिक की नोट को देखें। क्योंकि भारतीय रिजर्व बैंक भी भारत में प्लास्टिक नोट लाने की तैयारी में है। प्लास्टिक की नोटों को लेकर भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने संकेत दिए हैं कि देश में पॉलीमर यानी प्लास्टिक से बने नोटों को लेकर विचार किया जा रहा है।हालांकि उन्होंने साफ किया है कि प्लास्टिक के नोटों का यह प्रस्ताव अभी शुरुआती चरण में है और इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर पॉलीमर नोट क्या होते हैं और क्रक्चढ्ढ इन्हें क्यों लाने पर विचार कर रहा है।इन नोटों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि ये सामान्य कागजी नोटों की तुलना में अधिक मजबूत होते हैं। पानी, नमी, धूल और बार-बार इस्तेमाल का इन पर कम असर पड़ता है, जिससे इनकी उम्र काफी बढ़ जाती है। भारत जैसे विशाल देश में करेंसी नोटों का इस्तेमाल बहुत अधिक होता है। लगातार हाथों में आने-जाने और अलग-अलग मौसम की वजह से नोट जल्दी खराब हो जाते हैं। हर साल बड़ी संख्या में फटे, गंदे और क्षतिग्रस्त नोटों को बाजार से हटाकर नष्ट करना पड़ता है।विशेषज्ञों के अनुसार पॉलीमर नोट सामान्य कागजी नोटों की तुलना में कम से कम दोगुना और कई मामलों में पांच गुना तक अधिक समय तक चल सकते हैं। इससे नए नोट छापने और पुराने नोटों को बदलने की लागत में भी कमी आ सकती है। लंबे समय में यह RBI के लिए आर्थिक रूप से फायदेमंद साबित हो सकता है।




