नई दिल्ली (मध्य स्वर्णिम): देशभर में एक बार फिर पेट्रोल-डीज़ल की कीमतों में बढ़ोतरी ने आम जनता की चिंता बढ़ा दी है। शनिवार, 23 मई से पेट्रोल के दाम में 87 पैसे प्रति लीटर और डीज़ल में 91 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि की गई है। वहीं सीएनजी की कीमतों में भी 1 रुपये प्रति किलो का इजाफा हुआ है। 15 मई से 23 मई के बीच ईंधन कीमतों में यह तीसरी बढ़ोतरी है, जिससे लोगों की जेब पर लगातार बोझ बढ़ता जा रहा है। पेट्रोल-डीज़ल की बढ़ती कीमतों को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए पीएम मोदी को ‘महंगाई मैन’ बताते हुए आरोप लगाया कि बीते 9 दिनों में पेट्रोल-डीज़ल के दाम करीब 5 रुपये तक बढ़ा दिए गए हैं। कांग्रेस ने कहा कि सरकार को सिर्फ तेल कंपनियों के मुनाफे की चिंता है, जबकि आम जनता महंगाई से परेशान है। पार्टी ने आरोप लगाया कि दुनिया के कई देश अपनी जनता को राहत देने के लिए कदम उठा रहे हैं, लेकिन भारत में लगातार ईंधन के दाम बढ़ाकर लोगों पर अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार ईरान-अमेरिका-इजऱायल के बीच जारी तनाव और पश्चिम एशिया में बने ऊर्जा संकट के कारण वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है। हालांकि फिलहाल युद्धविराम लागू है, लेकिन होर्मुज स्ट्रेट में अस्थिर स्थिति के चलते अंतरराष्ट्रीय तेल आपूर्ति प्रभावित हो रही है।भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढऩे का सीधा असर देश में पेट्रोल-डीज़ल के दामों पर पड़ रहा है। एक्सपट्र्स का मानना है कि आने वाले दिनों में ईंधन कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है। पेट्रोल-डीज़ल महंगा होने से परिवहन लागत भी बढ़ रही है, जिसका असर रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर पडऩा तय माना जा रहा है।




