अदालत ने ठुकराई दोबारा पोस्टमार्टम करने की मांग

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भोपाल (मध्य स्वर्णिम): ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला लगातार नया मोड़ लेता जा रहा है। इसी बीच भोपाल में ट्विशा शर्मा के परिजनों ने मंत्रालय पहुंचकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भेंट की । मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि राज्य सरकार इस प्रकरण में उनके परिवार की पूरी सहायता करेगी। इस मामले में जांच के लिए सीबीआई को भी पत्र लिखा जाएगा। सीएम ने कहा कि मृतका के दोबारा पोस्टमार्टम के संबंध में न्यायालय निर्णय करेगा। लेकिन स्वजन यदि चाहते हैं तो पार्थिव शरीर को दिल्ली एम्स ले जाने के लिए परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। यहां पर यह भी बता कि स्वजन ने मामले में दोबारा पोस्टमार्टम (पीएम) कराए जाने की मांग को लेकर भोपाल कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। मामले में ट्विशा की रिटायर्ड जज सास गिरिबाला सिंह और वकील पति समर्थ पर स्वजन लगातार गंभीर आरोप लगा रहे हैं। परिवार का कहना है कि शादी के बाद से ट्विशा मानसिक रूप से परेशान रहती थी और घर का माहौल उसके लिए अनुकूल नहीं था ।परिजनों ने आरोप लगाया कि गिरिबाला सिंह और समर्थ का व्यवहार अक्सर अभद्र रहता था और ट्विशा के साथ उनका रवैया ठीक नहीं था ।

सीबीआई जांच कराने की मांग:
सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता और कांग्रेस के राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। विवेक तन्खा ने कहा कि परिजन पिछले आठ दिनों से न्याय के लिए परेशान हैं। परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों और उठाई गई शंकाओं को देखते हुए निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई जांच जरूरी है। तन्खा के पत्र के बाद मामला राजनीतिक रंग भी लेने लगा है। वहीं, राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी मामले का स्वत: संज्ञान लिया है। आयोग ने मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन और पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा से मामले में रिपोर्ट तलब की है।

शव हो सकता है डिकम्पोज:
कटारा हिल्स थाना पुलिस ने ट्विशा शर्मा के पिता नवनिधि शर्मा को एक पत्र भेजा है। यह पत्र जिला अदालत में सुनवाई शुरू होने से ठीक पहले दिया गया। पत्र में कहा गया है कि एम्स भोपाल में ट्विशा का शव माइनस 6 डिग्री सेल्सियस तापमान पर रखा गया है। शव को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए माइनस 80 डिग्री सेल्सियस तापमान की आवश्यकता होती है, लेकिन यह सुविधा एम्स भोपाल में उपलब्ध नहीं है। पुलिस ने पत्र में यह भी स्पष्ट किया है कि उसे दोबारा पोस्टमॉर्टम कराए जाने पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन शव को डिकम्पोज होने से बचाने के लिए परिजन जल्द शव प्राप्त कर लें।

दोबारा पोस्टमार्टम करने की मांग खारिज:
अदालत ने ट्विशा शर्मा का दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है। ट्विशा शर्मा का 13 मई को भोपाल स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में पोस्टमार्टम किया गया था और उसकी रिपोर्ट भी सामने आ चुकी है। परिजनों ने पोस्टमार्टम की प्रक्रिया और रिपोर्ट पर संदेह जताते हुए दिल्ली एम्स में दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की थी। इसी संबंध में उन्होंने जिला अदालत में याचिका दायर की थी।मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने कहा कि पहला पोस्टमार्टम भोपाल एम्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में किया गया है और मामले की जांच अभी जारी है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) 2023 की धारा 197 के तहत जिला अदालत को अपने स्थानीय क्षेत्राधिकार यानी भोपाल से बाहर, जैसे दिल्ली या प्रदेश के अन्य शहर में जांच या पोस्टमार्टम कराने का आदेश देने का अधिकार नहीं है।