
ब्रेकिंग न्यूज (मध्य स्वर्णिम): ऋषिकांत सिंह (रजत) परिहार (मो. 9425002527)
मध्यप्रदेश के लिए अगले कुछ दिन प्रशासनिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण होने वाला है । क्योंकि प्रशासनिक स्तर का सर्वोच्च पद चीफ सेक्रेटरी के बदले जाने की पक्की खबर दिल्ली सूत्रों से प्राप्त हो रही है। अगर सब कुछ सही रहा तो मध्यप्रदेश को नए चीफ सेक्रेटरी के रूप में 1990 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डॉक्टर राजेश कुमार राजौरा मिलेंगे और वर्तमान चीफ सेक्रेटरी अनुराग जैन को प्रधानमंत्री कार्यालय में बड़ी जिम्मेदारी मिलेगी । जानकारी के मुताबिक 1989 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और चीफ सेक्रेटरी मध्यप्रदेश अनुराग जैन को प्रधानमंत्री कार्यालय में वापस बुलाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी सहमति दे दी है। बस इंतज़ार है तो उनके विदेश से वापस भारत लौटने का । क्योंकि पीएमओ में अनुराग जैन की भूमिका क्या होगी इस पर फाइनल फैसला होना शेष है वैसे भी अनुराग जैन पूर्व में प्रधानमंत्री कार्यालय में पदस्थ होकर पीएम की महत्वपूर्ण योजनाओं को अमलीजामा पहनाने के साथ ही केंद्र में विभिन्न विभागों में नवाचार कर अपने काम का लोहा मनवा चुके हैं। वहीं मध्यप्रदेश को नए चीफ सेक्रेटरी के रूप में डॉक्टर राजेश राजौरा के नाम पर पीएमओ ने हरी झंडी दे दी है। जिसके बाद उनकी फाइल प्रधानमंत्री सचिवालय से डीओपीटी (कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग) में पहुंच गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत आते ही दोनों प्रमुख फैसलों के अधिकारिक आदेश जारी हो जाएंगे। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव से इस संदर्भ में उनके दिल्ली दौरे के समय चर्चा हो गई थी। वैसे भी मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव की चीफ सेक्रेटरी के रूप में पहली पसंद डॉक्टर राजेश राजौरा पहले दिन से ही रहे हैं । क्योंकि दोनों डॉक्टरों की ‘कैमिस्ट्री’ बहुत अच्छी है और मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव स्वयं को राजौरा के साथ ज्यादा ‘कम्फर्ट’ महसूस करते हैं। अगर केंद्र से आखिरी समय पर अनुराग जैन की मध्यप्रदेश में वापसी नहीं हुई होती तो वर्तमान में डॉक्टर राजेश राजौरा ही चीफ सेक्रेटरी होते । हालांकि मुख्यमंत्री ने राजेश राजौरा को उज्जैन संभाग के लिए प्रभारी / नोडल अधिकारी बनाकर पहले ही यह संकेत दे दिए थे कि भले ही राजौरा मुख्यमंत्री सचिवालय में नहीं है लेकिन वे अब भी उनके करीबी हैं । हमारे दिल्ली सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पीएमओ में अनुराग जैन को एडमिस्ट्रेशन में बड़ी जिम्मेदारी मिलने वाली है । जो मोदी से जुड़े हुए अति विशेष कार्यों को संपादित करेंगे।
राजौरा ही पसंद क्यों…?
डॉक्टर राजेश कुमार राजौरा की गिनती प्रदेश के उन चुनिंदा अफसरान में होती है जो नित नए प्रयोगों से प्रशासनिक कुशलता और दक्षता को आगे बढ़ाते है। पूरे देश में लागू डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) योजना डॉक्टर राजेश राजौरा की ही देन थी जब वो कृषि विभाग के प्रमुख सचिव थे। तब प्रायोगिक तौर पर किसानों के खाते में पैसे डालने की शुरुआत राजौरा की अगुवाई में ही हुई थी। अब यह योजना केंद्र और राज्य सरकार की हर विभाग की पसंदीदा योजना में से एक है। याद होगा भावांतर योजना की शुरुआत के समय भी अनेक लेकिन किन्तु परन्तु थे, तब डॉक्टर राजेश राजौरा ने ही बीजेपी के प्रदेश मुख्यालय में जनप्रतिनिधियों और नेताओं के सामने इसका प्रेजेंटेशन दिया था। ऐसा करने वाले वो इकलौते आईएएस अफसर थे। जाहिर है सिंहस्थ 2028 को मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव अद्वितीय सांस्कृतिक और धार्मिक समागम बनाना चाहते है। भले ही अभी भी सिंहस्थ कार्ययोजना की कमान राजेश राजौरा के हाथों में है, लेकिन फिर भी संपूर्ण प्रशासनिक दक्षता के लिए मुख्यमंत्री पीएमओ और अमित शाह को यह समझाने में सफल होते दिख रहे है कि डॉक्टर राजेश राजौरा मुख्य सचिव के रूप में उनकी पहली पसंद क्यों है।





