अब हर कॉलोनी में खिलेगी हरियाली, पार्कों का 100% खर्च उठाएगी सरकार

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नई दिल्ली (मध्य स्वर्णिम): दिल्ली सरकार पार्को की स्थिति सुधारने के लिए आरडब्ल्यूए और सोसायटी को मिलने वाली वित्तीय सहायता बढ़ाने जा रही है । सहायता राशि 2.55 लाख रुपये प्रति एकड़ से बढ़ाकर 3.8 लाख रुपये प्रति एकड़ प्रति वर्ष की जाएगी। सरकार पार्कों के रखरखाव का पूरा खर्च उठाएगी, जो पहले 90त्र था। नए पार्कों के निर्माण के लिए भी सहायता राशि बढ़ाई जाएगी। पार्कों की स्थिति सुधारने के लिए दिल्ली सरकार आरडब्ल्यूए और सोसायटी को मिलने वाली वित्तीय सहायता बढ़ाने जा रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पार्कों और हरित स्थलों के रखरखाव के लिए दी जाने वाली वित्तीय सहायता में 49 पर्सेट बढ़ोतरी के साथ पूरा 100 पसेंट खर्च खुद उठाने की तैयारी में है । सीएम का मानना है कि इससे दिल्ली का हरित क्षेत्र मजबूत होगा और आरडब्ल्यूए एनजीओ व पंजीकृत सोसायटियों की भागीदारी भी बढ़ेगी । सरकार प्रस्ताव ला रही है कि पार्को के रखरखाव के लिए आरडब्ल्यूए और सोसायटी को मिलने वाली वार्षिक सहायता राशि को 2.55 लाख रुपये प्रति एकड़ से बढ़ाकर 3.8 लाख रुपये प्रति एकड़ प्रति वर्ष कर दिया जाए ।

15 तक चलेगा रेस्क्यू अभियान:
इसके बाद उन्हें अपना घर आश्रम में रखकर इलाज, भोजन और पुनर्वास की सुविधा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि मानवता की सेवा सरकार की प्राथमिकता है और कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति सहायता से वंचित नहीं रहेगा। यह अभियान समाज कल्याण विभाग, अपना घर आश्रम और सेवा भारती के संयुक्त सहयोग से चलाया जा रहा है। सीएम ने कहा कि सेवा एवं रेस्क्यू अभियान में टीबी, कैसर और एड्स जैसी गंभीर बीमारियों से पीडि़त लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी।

बेघर, बीमारों को मिलेगा सहारा:
उन्होंने कहा कि हरित क्षेत्र को मजबूत और टिकाऊ बनाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उनका कहना है कि किसी भी सार्वजनिक स्थल का बेहतर रखरखाव तभी संभव है, जब उसमें स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी हो। दिल्ली सरकार ने बेसहारा, बीमार और बेघर लोगों के लिए सोमवार से विशेष सेवा एवं रेस्क्यू अभियान की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मुख्यमंत्री सेवा सदन से 19 विशेष एम्बुलेंस और रेस्क्यू गाडिय़ों को हरी झंडी दिखाकर राहत-बचाव कार्य के लिए रवाना किया। यह अभियान 11 से 15 मई तक दिल्ली के सभी 13 जिलों में चलाया जाएगा। सीएम के अनुसार, इस अभियान के तहत सड़को, फुटपाथों, रेलवे स्टेशनों, बस अड्डो और धार्मिक स्थलों पर रह रहे बीमार, असहाय और बेसहारा लोगो को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जाएगा।

पार्को के रखरखाव पर बढ़ेगा खर्च:
इसके साथ ही वित्तीय साझेदारी मॉडल में भी बदलाव किया जा रहा है। अभी तक पार्कों के रखरखाव और विकास में 90 पर्सेट खर्च सरकार और 10 पर्सेट खर्च संबंधित आरडब्ल्यूए या संस्था को उठाना पड़ता था। अब सरकार इस व्यवस्था को खत्म कर 100 पसेंट वित्तीय सहायता देने पर विचार कर रही है। सीएम रेखा गुप्ता हरित क्षेत्र बढ़ाने के लिए नए पार्कों के निर्माण और विकास को बढ़ावा देना चाहती है। इसके लिए दी जाने वाली एकमुश्त सहायता राशि को 1 लाख रुपये प्रति एकड़ से बढ़ाकर 2.9 लाख रुपये प्रति एकड़ करने का प्रस्ताव है। सीएम रेखा गुप्ता का मानना है कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच नई कॉलोनियों और घनी आबादी वाले इलाकों में हरित क्षेत्रों का विस्तार बेहद जरूरी है। इसके अलावा, सरकार आरडब्ल्यूए और सोसायटियों की मांग पर डिस्प्ले बोर्ड, डस्टबिन और सिंचाई के लिए पाइपलाइन जैसी सुविधाओं के लिए 2.5 लाख रुपये प्रति एकड़ की वित्तीय सहायता भी देगी।