सीएम आज कूनो में 2 मादा चीतों को खुले जंगल में करेंगे मुक्त

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भोपाल (मध्य स्वर्णिम): मध्यप्रदेश अब केवल टाइगर स्टेट नहीं, बल्कि देश के बड़े वन्यजीव संरक्षण मॉडल के रूप में उभर रहा है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य में वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता और इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए लगातार बड़े फैसले लिए जा रहे हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री 10 – 11 मई को श्योपुर स्थित कुनो नेशनल पार्क के दौरे पर रहेंगे, जहां वे बोत्सवाना से लाई गई दो मादा चीतों को बाड़े से जंगल में मुक्त करेंगे। प्रदेश सरकार ने बीते डेढ़ वर्षों में वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण पहल की हैं। सबसे बड़ा फैसला रातापानी को नया टाइगर रिजर्व घोषित करना रहा। लंबे समय से लंबित यह प्रस्ताव मुख्यमंत्री के कार्यकाल में मंजूर हुआ । इसे पुरातत्वविद् विष्णु श्रीधर वांकनकर के नाम से जोड़कर सांस्कृतिक पहचान भी दी गई । रातापानी की खासियत यह है कि यह देश का राजधानी के सबसे नजदीक स्थित टाइगर रिजर्व माना जा रहा है। मार्च 2025 में माधव टाइगर रिजर्व को प्रदेश का 9वां टाइगर रिजर्व बनाया गया। यहां मानव और वन्यजीव संघर्ष कम करने के लिए 13 किलोमीटर लंबी सुरक्षा दीवार बनाई जा रही है। विशेषज्ञ इसे भविष्य की जरूरतों के हिसाब से महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं ।

प्रदेश में 14 हजार से ज्यादा गिद्ध मौजूद:
वहीं, गिद्ध संरक्षण में भी मध्यप्रदेश देश में अग्रणी बनकर उभरा है। राज्य में 14 हजार से ज्यादा गिद्ध मौजूद हैं। भोपाल के केरवा क्षेत्र में घायल गिद्धों के लिए रेस्क्यू सेंटर संचालित किया जा रहा है। हाल ही में मुक्त किया गया एक गिद्ध उज्बेकिस्तान तक पहुंचा, जिसे संरक्षण अभियान की बड़ी सफलता माना जा रहा है। कुनो नेशनल पार्क अब केवल चीता परियोजना तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वैश्विक संरक्षण केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। यहां चीतों की संख्या बढ़कर 57 तक पहुंच चुकी है। इसके अलावा गांधी सागर और नौरादेही को भी चीता लैंडस्केप के रूप में विकसित किया जा रहा है।