पवन खेड़ा को शर्तों के साथ मिली अग्रिम जमानत, थाने में पेश होना होगा, बिना अनुमति देश नहीं छोड़ेंगे

0

नई दिल्ली (मध्य स्वर्णिम): कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत मिल गई है । सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को निर्देश दिया कि, वे जांच में सहयोग करें और बुलाए जाने पर थाने में पेश होंगे, साथ ही सबूतों को प्रभावित करने या उनके साथ छेड़छाड़ करने से बचेंगे मालूम हो कि कांग्रेस नेता पवन खेड़ा पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी, रिंकी भुइयां सरमा के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप लगे है।कोर्ट ने खेड़ा को यह भी बताया कि, वे कोर्ट की अनुमति के बिना देश छोड़कर नहीं जा सकते । सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को यह अनुमति भी दी कि, अगर जरूरत हो तो वह इन शर्तों में और शर्तें जोड़ सकते है, साथ ही निर्देश दिया कि जमानत की सुनवाई में पेश किए गए दस्तावेजों या तथ्यों पर ध्यान न दें। दोनों पक्षों की ओर से तीखी टिप्पणियों से भरी सुनवाई के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। ।

सिंघवी ने कोर्ट में की थी बहस:
यह संदर्भ सरमा की उन टिप्पणियों के लिए था, जिन्हें सिंघवी ने कोर्ट में दोहराने से इनकार कर दिया था; उन्होंने उन्हें अप्रकाशनीय बताया और कोर्ट को केवल इतना बताया था कि उनके मुवक्किल को आजीवन कारावास की धमकी दी गई थी।सिंघवी ने कहा था, अगर डॉ. अंबेडकर यह कल्पना करते कि कोई संवैधानिक पद पर बैठा व्यक्ति किसी काउबॉय या रैम्बो की तरह बोलेगा, तो वे अपनी कब्र में करवटें बदलते।सिंघवी ने यह भी बताया था कि उनके मुवक्किल के खिलाफ ज्यादातर आरोप मानहानि और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने से जुड़े हैं, और इनमें से किसी के लिए भी गिरफ्तारी या हिरासत में पूछताछ की जरूरत नहीं है, जैसा कि मांगा गया था।