भोपाल (मध्य स्वर्णिम): प्रदेश की मदिरा दुकानों पर हो रही मनमानी वसूली और नियमों के उल्लंघन को रोकने के लिए अब तकनीक और सख्ती करने का निर्णय लिया है। विभाग के संज्ञान में आया है कि कई जिलों में शराब की दुकानों पर न केवल अधिकतम विक्रय मूल्य एमआरपी से अधिक दाम वसूले जा रहे हैं, बल्कि प्रतिस्पर्धा के चलते न्यूनतम विक्रय मूल्य एमएसपी से कम पर भी मदिरा बेची जा रही है। इस गंभीर अनियमितता को विभागीय निर्देशों की खुली अवहेलना मानते हुए आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना ने अब हर मदिरा दुकान पर क्यूआर कोड चस्पा करना अनिवार्य कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था उपभोक्ताओं को सशक्त बनाएगी, जिससे वे मौके पर ही अपने स्मार्टफोन से स्कैन कर ब्रांड की वास्तविक और कानूनी दरों का सत्यापन कर सकेंगे । अब हर मदिरा दुकान पर ई- आबकारी पोर्टल द्वारा जनरेटेड क्यूआर कोड लगाना अनिवार्य है । इसे स्कैन करते ही उपभोक्ता के मोबाइल पर संबंधित जिले की रेट लिस्ट खुल जाएगी। कोई दुकान संचालक यदि निर्धारित एमएसपी कम या एमआरपी से ज्यादा पर बिक्री करता है, तो मध्यप्रदेश राजपत्र की कंडिका 21.2 एवं 21.3 के तहत उसके विरुद्ध लाइसेंस निरस्तीकरण जैसी कठोर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।




