भोपाल (मध्य स्वर्णिम): मध्य प्रदेश में राजधानी क्षेत्र भोपाल के सुनियोजित विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने ‘भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन’ के गठन की अधिसूचना जारी कर दी है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत 6 जिलों के कुल 2,510 गांवों को एकीकृत कर व्यापक क्षेत्रीय विकास का खाका तैयार किया गया है। इस नए मेट्रोपॉलिटन रीजन में भोपाल के साथ-साथ सीहोर, रायसेन, विदिशा, राजगढ़ और नर्मदापुरम जिलों के सीमावर्ती गांवों को जोड़ा गया है। इनमें प्रमुख रूप से भोपाल की हुजूर, कोलार और बैरसिया तहसील के गांव, सीहोर के मंडीदीप क्षेत्र, रायसेन के औबेदुल्लागंज और सांची ब्लॉक के हिस्से, विदिशा तहसील के गांव तथा राजगढ़ और नर्मदापुरम के वे क्षेत्र शामिल हैं, जो प्रस्तावित रिंग रोड और नेशनल हाईवे से जुड़े हैं। ‘मध्य प्रदेश महानगर क्षेत्र नियोजन एवं विकास अधिनियम-2025’ के तहत गठित इस रीजन का उद्देश्य तेजी से बढ़ती आबादी और शहरीकरण के दबाव को संतुलित करना है। लगभग 12 हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले इस प्रोजेक्ट के माध्यम से एकीकृत मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा, जिससे सभी क्षेत्रों में समान रूप से विकास सुनिश्चित हो सके।
इन्फास्ट्रक्कर और कनेक्टिविटी पर फोकस:
योजना के तहत परिवहन नेटवर्क को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। इसमें मेट्रो रेल, बोआरटीएस और आउटर रिंग रोड का विस्तार शामिल है, जिससे सभी जुड़े जिलों के बीच सुगम आवागमन संभव होगा। इसके साथ हो पानी, बिजली और सीवेब वैसी बुनियादों सुविधाओं का विस्तार भो समन्वित रूप से किया जाएगा।




