भोपाल (मध्य स्वर्णिम): अजाक्स में वर्चस्व की लड़ाई अब बड़ा राजनीतिक रूप लेती दिख रही है। मामला राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत तक पहुंच गया है। संघ के एक धड़े ने आरोप लगाया है कि मुकेश मौर्य को सदस्यता राशि के गबन एवं तथ्य छिपाने जैसे गंभीर आरोपों में निरंतर नोटिस दिए गए। जवाब न देने पर दिनांक 29.07.2023 को उनकी सदस्यता समाप्त कर उन्हें विधिवत निष्कासित कर दिया गया। इसके बावजूद, निष्कासन के अगले ही दिन (30.07.2023) तथाकथित आमसभा आयोजित करने की बात कही गई, जो न केवल असंभव बल्कि विधिक दृष्टि से पूर्णतः शून्य है। शिकायतकर्ता गुट ने संघ प्रमुख को लिखित शिकायत कर संगठन में हस्तक्षेप के गंभीर आरोप लगाए हैं। अजाक्स के संगठन महामंत्री गौतम पाटिल ने शिकायत में आरोप लगाया है कि संघ से जुड़े पदाधिकारी संगठन के कामकाज में दखल दे रहे हैं। विशेष रूप से सुरेन्द्र मिश्रा पर आरोप है कि वे मुकेश मौर्य के साथ मिलकर संगठन पर अनधिकृत नियंत्रण स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं। पाटिल का आरोप है कि 03.08.2023 को 09 सदस्यों की कथित कार्यकारिणी प्रस्तुत की गई। इसके बाद, सच्चाई छिपाने हेतु बैकडेट में 29.07.2023 की 67 सदस्यों की नई सूची दिनांक 17.08.2023 को जमा की गई। आरोप है कि दोनों सूचियों में एक ही व्यक्तियों के भिन्न-भिन्न हस्ताक्षर पाए गए, जो प्रथम दृष्टया फर्जी हस्ताक्षर का प्रमाण हैं। उन पर करीब 17.95 लाख रुपए की सदस्यता राशि के गबन का आरोप भी लगाया गया है। इनमें से लगभग 12.95 लाख रुपए स्थानीय स्तर पर रसीद काटकर एकत्र की गई, जिसे न तो बैंक में जमा किया गया और न ही उसका कोई लेखा- जोखा प्रस्तुत किया गया। इस संबंध में उन्हें जुलाई 2023 में प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया गया। यह भी आरोप है कि मुकेश मौर्य (निजी कर्मचारी, एम.आई.टी.एस. ग्वालियर) द्वारा सुनियोजित षड्यंत्र के तहत कूटरचित दस्तावेज तैयार कर अजाक्स संगठन के प्रांताध्यक्ष पद पर अवैध कब्जा करने का प्रयास किया गया। जबकि उक्त अवधि में संगठन के वैध प्रांताध्यक्ष जे. एन. कंसोटिया थे, जिन्होंने त्यागपत्र नहीं दिया था। ऐसी स्थिति में मुकेश मौर्य द्वारा स्वयं को प्रांताध्यक्ष घोषित करना पूर्णतः अवैधानिक एवं अधिकारहीन है। शिकायत में कहा गया है कि अजाक्स में प्रदेश के लाखों शासकीय अधिकारी एवं कर्मचारी सदस्य के रूप में जुड़े हुए हैं और यह प्रदेश की लगभग 36 प्रतिशत अनुसूचित जाति एवं जनजाति आबादी का प्रतिनिधित्व करता है।
इनका कहना है:
श्री कंसोटिया, एसएल सूर्यवंशी और गौतम पाटिल समेत कुछ लोग ट्रस्ट बनाकर संगठन की संपत्ति हड़पना चाहते हैं। मेरे प्रांताध्यक्ष बनने के बाद ही यह विवाद खड़ा किया गया है। मैं श्री कंसोटिया को संरक्षक बनाने को तैयार था पर इनके द्वारा संगठन को तोडऩे का काम किया जा रहा है।
मुकेश मौर्य प्रांताध्यक्ष, अजाक्स
किसी संगठन ने मेरी कोई शिकायत की है ,इस बात की जानकारी मुझे नहीं है। ये कर्मचारियों का संगठन है और चूंकि संघ के स्वयं सेवक के रूप में मैं सामाजिक समरसता और सद्भाव के लिए काम करता हूं ,हो सकता है मेरा नाम लिया जा रहा हो।
सुरेन्द्र मिश्रा, संगठन मंत्री पूर्व सैनिक परिषद
विशेष गढ़पाले भी हुए साजिश का शिकार:
अजाक्स संगठन के प्रांत कार्यवाह अध्यक्ष विशेष गढ़पाले भी सुरेंद्र मिश्रा और मुकेश मौर्य की साजिश का शिकार हो गए हैं। जे.एन .कंसोटिया का गुट कहना है कि हम विशेष गढ़पाले को अध्यक्ष बनाए जाने के समर्थन में है लेकिन सुरेन्द्र मिश्रा और मुकेश मौर्य ने साजिश के तहत विशेष गढ़पाले को भी अंधेरे में रखते हुए नियम विरुद्ध फर्जी तरीके से मुकेश मौर्य को अध्यक्ष बना दिया। जबकि मुकेश मौर्य अध्यक्ष बनने के लिए पात्र नहीं है।




