भोपाल (मध्य स्वर्णिम): माध्यमिक शिक्षा मंडल की 12वीं कक्षा के परिणामों में सबसे ज्यादा प्रदर्शन प्रदेश के आदिवासी जिलों का काफी अच्छा रहा। एमपी बोर्ड 10वीं रिजल्ट में इस बार बड़े शहर पिछड़ गए, जबकि अनूपपुर जैसे जनजातीय जिलों ने शानदार प्रदर्शन किया। माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं परीक्षा के परिणाम में इस बार जिलों के प्रदर्शन में बड़ा अंतर देखने को मिला। प्रदेश में सबसे ज्यादा आदिवासी प्रतिशत वाला सरहद का जिला अलीराजपुर का परिणाम भी चौंकाने वाला रहा। यहां 91.59 प्रतिशत विद्यार्थी पास हुए हैं। इंदौर के तीन आदिवासी जिलों में 90 प्रतिशत से अधिक बच्चे पास हुए। मालवा निमाड़ का आदिवासी जिला झाबुआ टॉप पर रहा। आदिवासी बाहुल्य जिला अनूपपुर 93.85 प्रतिशत परिणाम के साथ प्रदेश में पहले स्थान पर रहा, जबकि भोपाल 64.20 प्रतिशत के साथ 46वें नंबर पर पहुंच गया। प्रदेश के अन्य बड़े शहरों की स्थिति भी खास नहीं रही। इंदौर 67.56 प्रतिशत के साथ 41वें, जबलपुर 73.86 प्रतिशत के साथ 31वें और ग्वालियर 60.87 प्रतिशत के साथ 49वें स्थान पर रहा।
बेटियों ने फिर मारी बाजी:
मध्य प्रदेश माध्यामिक शिक्षा मंडल ने 10वीं बोर्ड के परीक्षा का रजिल्ट जारी किया गया। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सीएम हाउस से रिजल्ट घोषित किया। इस वर्ष 10वीं का कुल परिणाम 73.42 प्रतिशत रहा, जो 2025 के 76.22 प्रतिशत से 2.80 प्रतिशत कम हैं। हालांकि परिणाम में छात्राओं ने एक बार फिर बेहतर प्रदर्शन करते हुए छात्रों को पीछे छोड़ दिया। नियमित छात्र 69.31 प्रतिशत पास हुए, जबकि छात्राओं का पास का प्रतिशत 77.52 प्रतिशत रहा। टॉप 10 की मेरिट सूची में 378 विद्यार्थियों ने स्थान हासिल किया। इसमें 235 छात्राएं और 143 छात्र शामिल हैं। टॉप सूची में पिछले वर्ष की तुलना में छात्रों की संख्या में 75 और छात्राओं की संख्या 91 बढ़ी है। इस वर्ष पन्ना के गुनौर सरस्वती ज्ञान मंदिर हाईस्कूल की प्रतिभा सिंह सोलंकी ने प्रदेश में टॉप किया है। प्रतिभा ने 500 में से 499 अंक प्राप्त कर टॉप किया है।




