अमेरिका-ईरान के बीच दो हफ्ते का सीजफायर

0

नई दिल्ली (मध्य स्वर्णिम): अमेरिका और ईरान के बीच 28 फरवरी से जारी युद्ध अब करीब 40 दिन बाद रुका है। वह भी तब जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्धविराम के एलान से चंद घंटे पहले ही होर्मुज न खुलने पर ईरान की पूरी सभ्यता को मिटाने की चेतावनी दे दी थी। हालांकि, ट्रंप की तरफ से होर्मुज खोलने की समयसीमा से पहले ही दोनों देशों के बीच कुछ मुद्दों पर सहमति बनी और अमेरिकी राष्ट्रपति ने खुद एलान किया कि दो हफ्तों के लिए इस संघर्ष पर विराम लग रहा है। गौरतलब है कि बीते दो से तीन दिन में अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध में काफी कुछ घटा है। जहां ट्रंप ने रविवार को ही ईरान को चेतावनी दी थी कि अगर वह मंगलवार रात 8 बजे (अमेरिकी समयानुसार) तक तेहरान ने अमेरिका के साथ युद्ध रोकने के लिए समझौता नहीं किया तो अमेरिकी सेना निर्णायक कार्रवाई करेगी। ट्रंप ने साफ किया था कि ईरान के नागरिक ढांचों, जैसे- ऊर्जा संयंत्रों और पुलों को निशाना बनाया जाएगा। हालांकि, इससे पहले ही पाकिस्तान से कुछ संदेशों के आदान- प्रदान के बाद ट्रंप ने एलान कर दिया कि दो हफ्ते का अस्थायी सीजफायर लागू होगा।

मध्यस्थता और पर्दे के पीछे की कूटनीति:
इस समझौते को संभव बनाने में पाकिस्तान, मिस्र और तुर्किये ने भी एक भूमिका निभाई। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर ने अमेरिका और ईरान के बीच संदेशों का आदान-प्रदान करने यानी मैसेंजर की भूमिका निभाई। सोमवार को ईरानी पक्ष ने एक 10-सूत्रीय प्रस्ताव पेश किया, जिसे अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ ने शुरुआत में तबाही का प्रस्ताव करार दिया था। इसके बाद पूरे दिन संशोधनों का दौर चला, जिसमें मिस्र और तुर्किये के विदेश मंत्रियों ने भी मदद की।

भारतीय दूतावास ने जारी की चेतावनी, जल्द से जल्द देश छोड़ दें:
ईरान में सुरक्षा स्थिति को लेकर भारतीय दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए चेतावनी जारी कर दी है। सीजफायर के कुछ घंटे बाद जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि ईरान में मौजूद भारतीय जल्द से जल्द देश छोड़ दें और दूतावास द्वारा सुझाए गए सुरक्षित मार्गों का पालन करें। यह सलाह 7 अप्रैल 2026 को जारी की गई पिछली एडवाइजरी को बढ़ाकर दी गई है। ईरान में भारतीय दूतावास ने विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के पास जाने से पहले उनसे समन्वय करने पर जोर दिया है। इससे पहले जारी एडवाइजरी में कहा गया था कि ईरान में रहने वाले भारतीय अगले 48 घंटों तक वहीं बने रहें, बिजली और सैन्य ठिकानों से दूर रहें और बहुमंजिला इमारतों की ऊपरी मंजिलों पर न जाएं। होटलों में ठहरे लोगों को कमरे में ही रहने और दूतावास के साथ नियमित संपर्क बनाए रखने की सलाह दी गई थी।