जो भी हथियार उठाएगा, उसके खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई: अमित शाह

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नई दिल्ली (मध्य स्वर्णिम): लोकसभा में नक्सलवाद पर चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि रेड कॉरिडोर के 12 राज्यों और आदिवासी समाज की ओर से वह इस बहस के लिए धन्यवाद देते हैं। उन्होंने कहा कि आदिवासी वर्षों से चाहते थे कि उनकी स्थिति संसद में उठे और पूरी दुनिया सच्चाई जाने, लेकिन उन्हें लंबे समय तक यह मौका नहीं मिला। अब उनकी आवाज राष्ट्रीय स्तर पर पहुंची है। अमित शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कई आदिवासी सांसद वोट के लालच में कांग्रेस के साथ खड़े रहे, लेकिन उन्होंने अपने समाज के विकास के लिए क्या किया, यह सवाल आज भी खड़ा है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने खुद माना था कि माओवादी हिंसा देश की सबसे बड़ी आंतरिक सुरक्षा चुनौती है, लेकिन उस समय कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

क्या कांग्रेस सरकार पर लगाए गए गंभीर आरोप?
अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने नक्सलवाद की समस्या को गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि आदिवासी क्षेत्रों में विकास नहीं पहुंचाया गया, जिससे वहां असंतोष बढ़ा। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों की कमजोरी के कारण ही नक्सलवाद ने जड़ें मजबूत कीं। उन्होंने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद कई बड़े फैसले हुए। उन्होंने धारा 370 और 35ए हटाने, राम मंदिर निर्माण, जीएसटी लागू करने और महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने जैसे फैसलों का जिक्र किया।