भोपाल (मध्य स्वर्णिम): मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरी से जुड़ा करीब 24 साल पुराना दो बच्चों वाला नियम अब खत्म होने की तैयारी में है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर लिया है, जिसे मुख्यमंत्री से सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है। अब इसे जल्द ही कैबिनेट में पेश किया जाएगा। अगर कैबिनेट से मंजूरी मिलती है, तो तीन या उससे अधिक बच्चों वाले लोगों को सरकारी नौकरी से न तो बाहर किया जाएगा और न ही नौकरी पाने से रोका जाएगा। अभी तक इस नियम के कारण कई कर्मचारी और उम्मीदवार प्रभावित हो रहे थे। साल 2001 में तत्कालीन सरकार ने सिविल सेवा नियमों में बदलाव कर यह प्रावधान लागू किया था। इसके तहत दो से ज्यादा बच्चे होने पर सरकारी नौकरी में नियुक्ति या नौकरी जारी रखने में दिक्कत आती थी। यानी उनको अपात्र माना जाता था। इस बदलाव का सबसे ज्यादा फायदा शिक्षा विभाग को मिलेगा।
पुराने मामलों पर भी होगा फैसला:
सरकार उन कर्मचारियों को भी राहत देने पर विचार कर रही है, जिन्हें तीसरी संतान के कारण नौकरी से हटाया गया था या जिनके मामले कोर्ट में चल रहे हैं। कैबिनेट इन सभी मामलों पर अंतिम निर्णय ले सकती है। बता दें पिछले कुछ वर्षों में इस नियम को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता के खिलाफ बताया गया और बदलते सामाजिक हालात के हिसाब से इसे पुराना माना गया। इसी बीच जनसंख्या संतुलन को लेकर भी चर्चा तेज हुई, जिसके बाद सरकार ने इस पर पुनर्विचार शुरू किया।




