हर हाथ को काम, हर खेत को पानी, यही हमारा संकल्प : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

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भोपाल (मध्य स्वर्णिम): मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हरदा जिले ने विकास के हर क्षेत्र में अपनी विशेष पहचान बनाई है। हरदा जिले में शत-प्रतिशत कृषि रकबे में सिंचाई की सुविधा विकसित हो चुकी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जन कल्याण के लिए 4 विशेष श्रेणियां – गरीब, किसान, युवा और नारी कल्याण तय की हैं। राज्य सरकार इन सभी श्रेणियों सहित प्रदेश के औद्योगिक और अधोसंरचनात्मक विकास को भी ध्यान में रखकर काम कर रही है। मध्यप्रदेश सबसे तेज गति से युवाओं को रोजगार दिलाने वाला राज्य है। दूसरी ओर लाड़ली बहनों को हर माह 1500 रुपए की सौगात दी जा रही है। अगर बहनें रोजगार आधारित उद्योग में काम करेंगी तो उन्हें 5000 रुपए अलग से दिलाये जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति में माताओं-बहनों का अपना अलग सम्मान है। बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए सांदीपनि विद्यालय स्थापित कर रही है। हरदा को तीन सांदीपनि विद्यालयों की सौगात मिली है। बच्चों को निशुल्क किताबें, साइकिल और दूध के पैकेट बांटे जा रहे हैं। मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप और स्कूटी देकर प्रोत्साहित किया जा रहा है। हमारी सरकार हर हाथ को काम और हर खेत को पानी उपलब्ध कराने के संकल्प से आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को हरदा में कृषि आधारित कौशल विकास एवं कस्टम हायरिंग पर केन्द्रित राज्यस्तरीय किसान सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हरदा जिले के लिए करीब 232 करोड़ रुपए के 41 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इसमें 199 करोड़ रुपए लागत के 36 कार्यों का लोकार्पण एवं 32 करोड़ रुपए लागत के 5 निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर आयोजित आधुनिक कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और किसानों से उन्नत कृषि यंत्रों से खेती कर उत्पादन बढ़ाने की अपील की।

वर्षा की हर एक बूंद के संचयन का संकल्पबद्ध होकर करेंगे प्रयास: डॉ. यादव मुख्यमंत्री
डॉ. मोहन यादव, 19 मार्च, गुड़ी पड़वा (चैत्र शुक्ल प्रतिपदा) के दिन इंदौर के इस्कॉन मंदिर से तीसरे जल गंगा संवर्धन अभियान का शुभारंभ करेंगे। इंदौर में राज्य स्तरीय कार्यक्रम होगा। इस दिन प्रदेश के सभी जिलों, नगरीय निकायों और ग्राम पंचायतों में भी जल स्रोतों या नदियों के समीप कार्यक्रम आयोजित कर अभियान की शुरुआत की जाएगी। साढ़े तीन माह तक चलने वाले इस प्रदेशव्यापी महाअभियान का समापन 30 जून को होगा। इसमें 18 विभाग शामिल होंगे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ का नोडल विभाग होगा, जबकि नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग सह-नोडल विभाग रहेगा। अभियान के संबंध में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने सभी जिलों के कलेक्टरों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। जल गंगा संवर्धन अभियान का क्रियान्वयन संबंधित जिले के प्रभारी मंत्री के नेतृत्व में किया जाएगा। कलेक्टर जिलों में अभियान के नोडल अधिकारी होंगे। उनकी अध्यक्षता में जिला जल गंगा संवर्धन अभियान समिति कार्य योजना तैयार कर मॉनिटरिंग करेगी। इस समिति में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत-समन्वयक और सभी सहभागी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी सदस्य होंगे।