नई दिल्ली (मध्य स्वर्णिम): पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही पर संकट के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। एलपीजी गैस लेकर आने वाला भारतीय जहाज शिवालिक सुरक्षित तरीके से गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पहुंच गया है। इस जहाज के सुरक्षित पहुंचने को ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से अहम माना जा रहा है, क्योंकि हाल के दिनों में क्षेत्र में तनाव के कारण समुद्री मार्ग पर जोखिम बढ़ गया था। यह एलपीजी टैंकर जहाज लगभग 46 हजार मीट्रिक टन एलपीजी लेकर आया है। यह गैस भारत के घरेलू आपूर्ति नेटवर्क में भेजी जाएगी। शिवालिक एक बहुत बड़ा गैस वाहक जहाज है, जिसे शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया संचालित करता है। यह जहाज फारस की खाड़ी से अरब सागर को जोड़ने वाले अहम समुद्री रास्ते होर्मुज से होकर भारत पहुंचा। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम ऊर्जा मार्गों में से एक माना जाता है। दुनिया भर में तेल और गैस की करीब 20 प्रतिशत आपूर्ति इसी समुद्री रास्ते से गुजरती है। इसलिए इस मार्ग पर किसी भी तरह का तनाव पूरी दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित कर सकता है। भारत भी अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए इस समुद्री रास्ते पर काफी हद तक निर्भर है। तनाव के बीच ईरान ने दो भारतीय जहाजों को होर्मुज से गुजरने की अनुमति दी। इनमें शिवालिक और नंदा देवी नाम के एलपीजी टैंकर शामिल हैं। दोनों जहाज करीब 92,700 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर भारत के लिए रवाना हुए थे। अधिकारियों के मुताबिक दोनों जहाज सुरक्षित तरीके से जलडमरूमध्य पार कर चुके हैं और भारतीय बंदरगाहों की ओर बढ़े।
पीएनजी ग्राहकों को एलपीजी नहीं मिलेगी:
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एक सख्त अधिसूचना जारी कर उन सभी परिवारों को तुरंत अपना घरेलू एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करने का आदेश दिया है जिनके पास पहले से ही पाइप्ड प्राकृतिक गैस (पीएनजी) कनेक्शन है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी व्यक्ति को पीएनजी और एलपीजी दोनों कनेक्शन एक साथ रखने की अनुमति नहीं दी जाएगी। तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे भविष्य में किसी भी पीएनजी उपयोगकर्ता को एलपीजी सिलेंडर की रिफिल न दें। हालांकि सरकार ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि देश में एलपीजी या पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त स्टॉक है, लेकिन फिर भी लोगों ने इसे लेकर पैनिक देखा गया।




