भोपाल: विधानसभा के बजट सत्र का शुक्रवार को 10वां दिन था, जिसके बाद सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र फरवरी-मार्च 2026 के समापन अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि सोलहवीं विधान सभा के नवम् सत्र में कुल 10 बैठकें आयोजित हुईं. जिनमें विधायी, वित्तीय तथा लोक महत्व के अनेक महत्वपूर्ण कार्य सम्पन्न हुए। इस सत्र में सदन ने अनेक लोक महत्व के विषयों पर प्रश्नों एवं ध्यानाकर्षण सूचनाओं के माध्यम से सार्थक चर्चा की। जहाँ प्रश्नों के माध्यम से माननीय सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्रों की विभिन्न समस्याओं के समाधान हेतु सरकार का ध्यान आकृष्ट किया, वहीं ध्यानाकर्षण के माध्यम से शासन एवं प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, संवेदनशील एवं उत्तरदायी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई। इस सत्र के महत्वपूर्ण ध्यानाकर्षणों में गौ-संरक्षण के विषय को प्रमुखता से उठाया गया तथा सरकार द्वारा प्रदेश में संचालित एवं निर्माणाधीन गौशालाओं की विस्तृत जानकारी सदन को दी गई। इसके अतिरिक्त प्रदेश में आवारा श्वानों द्वारा नागरिकों को काटे जाने की घटनाओं पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की गई, जिस पर सरकार ने ठोस एवं प्रभावी कार्यवाही करने का आश्वासन प्रदान किया।
कार्यवाही लगभग 62 घंटे तक चली:
सत्र के दौरान कुल 3478 प्रश्न प्राप्त हुए, जिनमें 1750 तारांकित एवं 1728 अतारांकित प्रश्न सम्मिलित थे। ध्यानाकर्षण की 902 सूचनाएँ प्राप्त हुईं, शून्यकाल की 337 सूचनाएँ तथा 771 याचिकाएँ प्राप्त हुईं। इसके अतिरिक्त 01 शासकीय विधेयक तथा 6 अशासकीय एवं 01 संविहित संकल्प पारित किए गए। राज्यपाल के अभिभाषण पर कृतज्ञता ज्ञापन प्रस्ताव पर 9 घंटे 05 मिनट तथा आय-व्ययक पर सामान्य मान्य चर्चा 1 घंटा 44 मिनट तक चली। भोजनावकाश स्थगित कर सदन की बैठक अवधि में वृद्धि करते हुए अनुदान की मांगों सहित विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चाएँ सम्पन्न हुई। सदन की कुल कार्यवाही लगभग 62 घंटे तक चली।




