चीतों की आवभगत में कोई कमी नहीं रख रही सरकार

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भोपाल (मध्य स्वर्णिम): मध्य प्रदेश के कूनो जंगल में चीतों की आबादी बढ़ रही है। अभी मध्य प्रदेश में कुल चीतों की संख्या 38 है। इनके खाने पर सरकार हर दिन 35000 रुपए खर्च करती है। यह जानकारी बुधवार को विधानसभा में सरकार ने दी है। कूनो नेशनल पार्क में रह रहे चीतों को खाने के लिए बकरी का मीट दिया जाता है। मटन चीतों का सबसे पसंदीदा भोजन है। एमपी सरकार ने सदन की कार्यवाही के दौरान जानकारी दी है कि चीतों के लिए बकरी मीट खरीदने में फाइनेंशियल ईयर 2024-25 में 1,27,10,8170 रुपए खर्च किए गए हैं। हालांकि चीतों के शिकार के लिए जंगल में चीतल भी छोड़े गए हैं। इसके बावजूद बकरी मीट की खरीद हो रही है। दरअसल, बुधवार को कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा ने सवाल किया था। इसके बाद सरकार ने जवाब देते हुए कहा कि कूनो वाइल्डलाइफ डिवीजन में अभी कुल 32 चीते हैं। हालांकि हाल में जन्मे शावकों का जिक्र नहीं है। विधायक ने कहा कि चीतों के लिए हर साल कितना पैसा खर्च किया जा रहा है। उन्हें एक दिन में कितनी बकरियां खिलाई जाती हैं। विधायक ने पूछा कि क्या ये सही है कि चीतों के लिए बकरे का मीट खरीदने में हर साल 1.3 करोड़ रुपए दिए जा रहे हैं। चीते कूनो जंगल से निकलकर ग्वालियर, श्योपुर, शिवपुरी, मुरैना और राजस्थान में भी जा रहे हैं। गांव के लोगों की बकरियों और जानवरों का शिकार कर रहे हैं। वहीं, इन सवालों पर सीएम मोहन यादव ने लिखित जवाब में कहा कि कूनो नेशनल पार्क में चीतों को खाने के लिए अलग से कोई रकम नहीं दी गई थी। चीतों को हर दिन कितनी बकरियों का खाना खिलाया जाता है, इसका कोई तय मानक नहीं है।

चीतों की मौत पर भी सवाल:
विधायक ने यह भी सरकार के से पूछा कि क्या कूनो जंगल में चीतों को खाने के लिए नहीं मिल रहा है कि वह जंगल से बाहर निकल रहे हैं। छह दिसंबर 2025 को घाटीगांव एक्सीडेंट में चीते की मौत हो गई थी। विधायक ने कहा कि क्या कूनो से स्टाफ और अधिकारी चीतों की भलाई और सुरक्षा के लिए जिम्मेदार नहीं हैं। या लापरवाही कर रहे हैं।