छिंदवाड़ा (मध्य स्वर्णिम): राजनीति जब अपने मूल नियंत्रण से भटकती है तो विवाद और टकराव ही जन्म लेते हैं… यह बात जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती ने उत्तर प्रदेश सरकार और शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बीच टकराव को लेकर कही। उन्होंने अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी द्वारा शंकराचार्य पर लगाए गए आरोप पर स्पष्ट कहा कि अपने सिद्धांतों का पालन करना दादागिरी नहीं है। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी द्वारा शंकराचार्य पर लगाए गए ‘दादागिरी’ के आरोपों पर उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि सिद्धांतों का पालन करना किसी भी रूप में दादागिरी नहीं है। धर्म की रक्षा करना संत समाज का दायित्व है। उत्तर प्रदेश में गंगा स्नान को लेकर उपजे विवाद पर उन्होंने कहा कि आस्था से जुड़े विषयों में रोक-टोक स्वाभाविक रूप से असंतोष पैदा करती है। जब आप गंगा स्नान नहीं करने देंगे, तो टकराव होना स्वाभाविक है। जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वतीने धर्म और राजनीति में सामने आ रहे टकराव को लेकर स्पष्ट बात रखी है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में शंकराचार्य और सरकार के बीच चल रहे विवाद की पृष्ठभूमि कहा कि राजनीति का संचालन धर्म के सिद्धांतों से होना चाहिए। जब राजनीति अपने मूल नियंत्रण से भटकती है, तब विवाद और टकराव जन्म लेते हैं।




