मप्र ने प्रस्तुत किया संतुलित विकास का आदर्श उदाहरण : देवड़ा

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भोपाल (मध्य स्वर्णिम): उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा है कि मध्यप्रदेश ने दूरदर्शी आर्थिक नीतियों के साथ संतुलित और समावेशी विकास का आदर्श उदाहरण प्रस्तुत किया है। आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में प्रस्तुत आँकड़ों से जाहिर है कि मध्यप्रदेश योजनाबद्ध, संतुलित और परिणामोन्मुख विकास पथ पर निरंतर आगे बढ़ रहा है। देवडा ने कहा कि मध्यप्रदेश का विकास योजनाबद्ध, संतुलित और समावेशी रणनीति पर आधारित है। कृषि से उद्योग, सेवा से सामाजिक क्षेत्र और वित्तीय अनुशासन से सुशासन तक प्रत्येक क्षेत्र में निरंतर प्रगति हुई है। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत को विश्व की मजबूत अर्थव्यवस्था बनाने मध्यप्रदेश पूरी क्षमता के साथ तैयार है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने आर्थिक समृद्धि के जो कदम उठाये हैं, उनके परिणाम मिलना शुरू हो गये हैं। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने मंगलवार को विधानसभा में प्रस्तुत आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्ष 2025-26 अग्रिम अनुमान में राज्य का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) प्रचलित भाव पर 16,69,750 करोड़ रूपये आँका गया है, जो वर्ष 2024-25 के 15,02,428 करोड़ रुपये की तुलना में 11.14 प्रतिशत वृद्धि दर्शाता है। इसी प्रकार स्थिर (2011-12) भाव पर जीएसडीपी 7,81,911 करोड़ रूपये अनुमानित है, जो 8.04 प्रतिशत की वास्तविक वृद्धि को प्रतिबिंबित करता है। उन्होने कहा कि आर्थिक विस्तार केवल मूल्य वृद्धि का परिणाम नहीं, बल्कि वास्तविक उत्पादन और गतिविधियों में वृद्धि का परिणाम है। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि राज्य में प्रति व्यक्ति आय में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2011-12 में प्रचलित भाव पर 38,497 रूपये रही प्रति व्यक्ति आय वर्ष 2025-26 में बढ़कर 1,69,050 रूपये हो गई है। स्थिर (2011-12) भाव पर यही आय 76,971 रूपये तक पहुँच गई है। उन्होंने कहा कि यह आय स्तर में सुधार का संकेत है, जो जीवन की गुणवत्ता में सकारात्मक परिवर्तन को रेखांकित करता है। देवड़ा ने वर्ष 2025-26 में प्रचलित भाव पर सकल राज्य मूल्य वर्धन (जीएसवीए) में प्राथमिक क्षेत्र का योगदान 43.09 प्रतिशत, द्वितीयक क्षेत्र का 19.79 प्रतिशत तथा तृतीयक क्षेत्र का 37.12 प्रतिशत रहा।