किसानों की आय बढ़ाना ही सरकार का मूल ध्येय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

0

भोपाल (मध्य स्वर्णिम): मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि किसानों की आय में हर तरीवे से करना ही हमारा मूल लक्ष्य है और यह उनकी फसल का उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ाने से ही संभव है । मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश के एक करोड़ से अधिक किसानों के हित में समृद्ध किसान – सम्द्ध प्रदेश के समावेशी मॉडल/थीम पर हम वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष (कृषि वर्ष) के रूप में मना रहे हैं । इस दौरान कृषि उत्पादों का मजबूत विपणन तंत्र स्थापित किया जाएगा, साथ ही खाद्य प्रसंस्करण को भी बढ़ावा दिया जाएगा । मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को उच्च उत्पादकता वाली फसल किस्मों / बीजों का वितरण, डिजिटलीकृत एवं नवीन कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा, प्राकृतिक एवं जैविक खेती को प्रोत्साहन, कृषि स्टार्टअप एवं एफपीओ जैसी कृषि आधारित रोजगार श्रृंखला को बढ़ावा, कृषि से सम्द्ध सभी क्षेत्रों को एकीकृत करते हुए जिला- आधारित कलस्टर्स का विकास तथा खेती-किसानी में फसल चक्र में बदलाव (विविधीकरण ) को प्रोत्साहन देना कृषि वर्ष के प्रमुख लक्ष्य तय किए गए हैं । मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गत दिवस किसान कल्याण वर्ष – 2026 के आयोजन की रूपरेखा के संबंध में हुई बैठक में यह जानकारी दी । मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों का कल्याण हमारे लिए एक मिशन है । इनके समग्रहित में इसके लिए कृषि वर्ष के दौरान प्रदेश के अलग-अलग जिलों में कृषि केबिनेट भी की जाएगी । कृषि केबिनेट की शुरुआत निमाड़ अंचल से की जाएगी ।

रण उत्सव की तर्ज पर सिंहस्थ 2028 में उज्जैन में विकसित होगी टेंट सिटी : सीएम
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रारंभ हुआ गुजरात में ‘रण ऑफ कच्छ’ का ‘रण उत्सव’ आज भारत की सांस्कृतिक पहचान और पर्यटन क्षमता का वैश्विक प्रतीक बन चुका है । मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भव्य ‘रण उत्सव’ में सहभागिता कर विश्व स्तरीय टेंट सिटी की व्यवस्थाओं का अवलोकन करने के बाद कहा कि जहां कभी बंजर भूमि थी, वहां आज किसानों की सहभागिता से पर्यटन, आजीविका और विकास का मॉडल खड़ा हुआ है, जिसे दुनिया देख रही है । लोक कलाकारों की जीवंत प्रस्तुतियां और गुजरात की समृद्ध संस्कृति, इस उत्सव को विशिष्ट पहचान देती है । यह प्रेरक उदाहरण है। उज्जैन में वर्ष-2028 में आयोजित होने वाले ‘सिंहस्थ’ में ‘रण उत्सव’ की तर्ज पर टेंट सिटी विकसित की जाएगी । साथ ही, मध्यप्रदेश में जहाँ पर्यटकों की संख्या अधिक है, वहां भी टेंट सिटी की योजना पर कार्य किया जाएगा ।

कृषि में तकनीक के उपयोग पर रहेगा जोर:
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि वर्ष के दौरान प्रदेश के किसानों के लिए कृषि तकनीक के उपयोग पर विशेष फोकस किया जाएगा। यह तय किया जाएगा कि किसानों को उनके सभी प्रकार के हितलाभ एग्री स्टैक के जरिए ही दिए जाएं। इसके लिए किसानों के बैंक खातों को समग्र आई.डी. के साथ जोड़ दिया जाएगा। साथ ही मोबाईल एवं क्यू.आर कोड आधारित तकनीक के उपयोग से कृषि आदानों की उपलब्धता (ट्रेसबिलिटी) भी सुनिश्चित की जाएगी।

उन्नत पशुपालन तकनीक सीखने के लिए ब्राजील जाएंगे मप्र के पशुपालक:
कृषि वर्ष के दौरान सरकार का एक लक्ष्य दुग्ध उत्पादन में वृद्धि कर इसे वर्तमान से दुगना करना भी है। इसके लिए प्रदेश के पशुपालकों को उन्नत पशुपालन की नई- नई तकनीकें सीखने के लिए ब्राजील भेजा जाएगा। राज्य के पशुपालक उन्नत तकनीक से पशुपालन करेंगे तथा नई विधियों और पद्धतियों से उन्नत नस्लों के पशुओं से दुग्ध उत्पादन के लिए तैयार करेंगे।