भोपाल (मध्य स्वर्णिम): राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि खेल, संकल्प सिखाता है । खेलों से हम प्रयास करना सिखते हैं । निरंतर अभ्यास हमे उत्कृष्टता का दृष्टिकोण प्रदान करता है । खेल ही हमे हार-जीत को स्वीकार करना सिखाते हैं । हमारे जीवन मूल्य विकसित करते हैं । सर्वांगीण व्यक्तित्व का निर्माण करते हैं । खेल भावना हर व्यक्ति को परस्पर जोड़ती है। खेल ही हम सबमें राष्ट्र प्रेम और देशभक्ति का भाव जगाते हैं। राज्यपाल पटेल शनिवार को खेलो एमपी यूथ गेम्स के राज्य स्तरीय समारोह को संबोधित कर रहे थे । इस अवसर पर उन्होंनें संभागवार विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया और बधाई दी । कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित समारोह में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग भी मौजूद थे ।
मप्र की धरती ने खेलों में दिलाई अंतर्राष्ट्रीय पहचान:
राज्यपाल पटेल ने कहा कि यह अत्यंत गर्व की बात है कि मध्यप्रदेश की खेल अकादमियों से निकले खिलाड़ी आज केवल भोपाल या इंदौर का नाम नहीं, बल्कि पेरिस से लेकर लॉस एंजिल्स तक भारत का तिरंगा फहराने की क्षमता रखते हैं। हमारी शूटिंग रेंज हो, वाटर स्पोट्र्स अकादमी हो या घुड़सवारी का मैदान, आज दुनिया की सर्वश्रेष्ठ सुविधाएं प्रदेश के युवाओं के पास उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि पारंपरिक खेल ‘मलखम्ब’ हमारी सांस्कृतिक और खेल विरासत का शानदान उदाहरण है। मध्यप्रदेश की धरती ने इस खेल को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है।
प्रदेश देश का स्पोट्र्स पावरहाउस बनकर उभरा:
राज्यपाल पटेल ने कहा कि खेल का मैदान, केवल हार-जीत का स्थान नहीं होता, वह चरित्र निर्माण की कार्यशाला भी होता है। खेल हमें सिखाते हैं कि मैदान पर कोई जाति नहीं होती, कोई धर्म नहीं होता, कोई ऊंच-नीच नहीं होती। वहां केवल एक खिलाड़ी होता है और उसका तय लक्ष्य होता है। उन्होंने कहा कि पहले मध्यप्रदेश को खेलों के मामले में शांत राज्य माना जाता था, लेकिन आज हमारा प्रदेश देश का स्पोर्ट्स पावरहाउस बनकर उभरा है। खेलो एमपी यूथ गेम्स के आयोजनों ने प्रतिभाओं को गांव की गलियों से खोजकर राष्ट्रीय मंच पर लाया है। राज्यपाल पटेल ने पारम्परिक खेलों और प्रदेशभर की प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने के प्रदेश सरकार के प्रयासों की सराहना की।




