सड़क पर तिरपाल ओढ़ाकर महिला का प्रसव

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विदिशा: कड़ाके की सर्दी में मानवता को झकझोर देने वाली घटना विदिशा जिले के पठारी क्षेत्र से सामने आई है। छिपारा गांव निवासी आदिवासी महिला संध्या को प्रसव पीडा होने पर परिजन गुरुवार रात 3 बजे लगातार 108 एंबुलेंस और जननी एक्सप्रेस को कॉल करते रहे, लेकिन कोई मदद नहीं मिल सकी। मजबूर होकर स्वजन गर्भवती महिला को लेकर पैदल ही अस्पताल के लिए निकले, लेकिन सडक पर ही प्रसव हो गया घटना गढी मोहल्ला क्षेत्र की सरकारी राशन दुकान के सामने हुई । कडाके की ठंड में महिला सडक पर तडपती रही । परिजनो ने उसे प्लास्टिक की तिरपाल से ढककर ठंड से बचाने का प्रयास किया। बच्चे की नाल जुडी होने के कारण महिला काफी समय तक सडक पर ही दर्द झेलती रही इस दौरान पठारी की महिला चौकीदार हरी बाई मौके पर पहुंची और स्थानीय दाई राज बाई की मदद से महिला की सुरक्षित डिलेवरी कराई । ठंड से बचाने के लिए आग तापने की व्यवस्था की गई। चौकीदार हरी बाई, रवि पंथी, मुकेश पंथी और संजय जैन की तत्परता से मां और नवजात की जान बच सकी। बाद में संजय जैन अपनी मारुति वैन लेकर महिला और नवजात को अस्पताल तक ले गए। संध्या के पति संजय आदिवासी ने बताया कि अगर समय पर एंबुलेंस या जननी एक्सप्रेस उपलब्ध होती, तो सडक पर प्रसव जैसी स्थिति नहीं बनती। घटना की जानकारी मिलने के बाद सीएएमओ डॉ. रामहित कुमार शुक्रवार दोपहर पठारी पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली । उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और लापरवाही पाए जाने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।