विक्रमोत्सव-2026 विराट स्वरुप के साथ मनाया जाएगा

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भोपाल (मध्य स्वर्णिम): सम्राट विक्रमादित्य ने शौर्य और संगठन के नए प्रतिमान स्थापित करते हुए भारतीय संस्कृति को समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। उनके व्यक्तित्व के सभी आयामों को प्रकट करने के लिए उज्जैन में विक्रमोत्सव मनाया जाएगा। यह महोत्सव कई दिनों तक चलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विक्रमोट्सव- 2026 की तैयारियों के संबंध में मुख्यमंत्री निवास समत्व भवन में अहम बैठक ली। उन्होंने आयोजन की समग्र रूपरेखा, व्यवस्थाओं और विभागीय समन्वय की समीक्षा की। मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन, संस्कृति विभाग के अपर मुख्य सचिव शिवशेखर शुक्ला व अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में सीएम मोहन यादव ने विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन प्रदेश के साथ ही दूसरे राज्यों में भी कराने के निर्देश दिए। खास बात यह है कि वर्ष प्रतिपदा पर सुप्रसिद्ध पार्श्व गायक सोनू निगम भी उज्जैन में अपनी प्रस्तुति देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्कूल-कालेजों में सम्राट विक्रमादित्य पर केंद्रित सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विक्रमोत्सव में कृषि पर केंद्रित प्रदर्शनी तथा अन्य गतिविधियां आयोजित करने को भी कहा। सीएम ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य अलंकरण को भव्य और राष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया जाए। 19 मार्च यानि वर्ष प्रतिपदा, सृष्टि आरंभ दिवस को उज्जियिनी गौरव दिवस के रूप में मनाया जाएगा। इस अवसर पर मुख्य कार्यक्रम क्षिप्रा तट पर होगा। इसके अंतर्गत सम्राट विक्रमादित्य अलंकरण और विक्रम पंचांग 2082-83 व आर्ष भारत द्वितीय संस्करण का लोकार्पण होगा। महादेव की नदी कथा-नृत्य नाट्य की प्रस्तुति होगी।

बन चुका है वैश्विक आयोजन:
मध्यप्रदेश संस्कृति विभाग के महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ द्वारा आयोजित विक्रमोत्सव 2025 को ईमैक्स ग्लोबल अवॉर्ड में लांग स्टैंडिंग आईपी ऑफ द ईयर का सम्मान मिला था । इसके अलावा विक्रमोत्सव- 2025 को एशिया के सबसे प्रतिष्ठित मंच WOWAwards Asia में शासकीय समारोह श्रेणी का गोल्ड अवॉर्ड मिला था । इससे पहले विक्रमोत्सव 2024 को एशिया का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन घोषित किया गया था।