ये कैसा स्मार्ट सिटी मॉडल, जहां पानी पीने से मौतें हो रही हैं: राहुल

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इंदौर (मध्य स्वर्णिम): इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी के कारण जिन लोगों की मौत हुई थी, उनके परिवारों से मिलने के लिए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शनिवार को इंदौर आए थे। वे पहले बांबे अस्ताल पहुंचे और वहां भर्ती मरीजों को देखा, वे फिर भागीरथपुरा बस्ती में आकर पीड़ित परिवारों से मिले। कुछ परिवारों से मिलने उनके घर गए थे, जबकि ज्यादातर परिवारों से उन्होंने उद्यान में मुलाकात की थी। भागीरथपुरा में हुई 24 मौतों के बाद केंद्र स्तर के किसी नेता का बस्ती में यह पहला दौरा था। राहुल दूषित पानी पीने से मृत लोगों के परिवारों से मिले और उन्हें सहायता राशि बतौर एक-एक लाख रुपए के चेक सौंपे गए। राहुल ने कहा कि हमसे कहा जाता था कि देश को स्मार्ट शहर मिलेंगे, लेकिन यह कैसा स्मार्ट सिटी का मॉडल है, जहां पीने का साफ पानी नहीं मिलता। पानी पीने से लोगों की मौत हो जाती है। लोगों को डराया जाता है। ये हालत सिर्फ इंदौर में ही नहीं देश के कई शहरों में है। लोगों को साफ पानी मिले, कम प्रदूषण रहे, यह सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन उसे नहीं निभाया जा रहा है। राहुल ने कहा कि मैं यहां राजनीति करने नहीं आया बल्कि उन लोगों के साथ खड़ा हूं जिनके परिवार के सदस्यों की मौत दूषित पानी पीने से हुई है। अभी भी बस्ती के लोगों को साफ पानी नहीं मिल पा रहा है। कोई तो जिम्मेदार होगा, जिसकी वजह से बस्ती में बीमारी फैली। सरकार जिम्मेदारी तय क्यों नहीं कर पा रही है। बीमार लोगों ने इलाज में अपने पैसे खर्च किए। सरकार की लापरवाही से ये सब हुआ, तो उसकी जिम्मेदारी बनती है कि वह प्रभावितों को उचित मुआवजा दें। बस्ती में खड़ी टंकी गंदे पानी की सप्लाई का प्रतीक है। अभी सबका ध्यान बस्ती पर है। टंकी से पानी देने पर बैन लगा है लेकिन जब ध्यान हटेगा तो फिर पहले जैसे हालत होंगे। लोगों को गंदा पानी मिलेगा। मेरे यहां आने पर लोगों को राजनीति लगे तो लगे, लेकिन में विपक्ष में है। जनता के मुद्दे उठाना मेरी जिम्मेदारी है। यह कोई गलत काम नहीं है।