भोपाल (मध्य स्वर्णिम): कुछ दिनों पहले मप्र पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का एक दल अध्ययन के लिए लखनऊ गया था। दल की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस मुख्यालय ने ‘सेफ सिटी’ अभियान के तहत एक क्रांतिकारी योजना तैयार की है। इसके अंतर्गत प्रदेश के सभी शहरों के संवेदनशील स्थानों पर करीब सवा लाख अत्याधुनिक वीडियो एनालिटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) युक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। पूरे प्रदेश में मॉनिटरिंग के लिए 65 हाई-टेक कंट्रोल रूम बनाए जाएंगे। लखनऊ मॉडल पर आधारित इस सिस्टम से न केवल महिला सुरक्षा मजबूत होगी, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं, तेज रफ्तार वाहनों और संदिग्ध गतिविधियों पर भी लगाम लगेगी। निर्भया फंड के तहत शुरू होने वाले इस प्रोजेक्ट से पुलिस कर्मियों के मूवमेंट और ड्यूटी की निगरानी भी प्रभावी ढंग से की जा सकेगी। ये स्मार्ट कैमरे न केवल चौबीसों घंटे निगरानी करेंगे, बल्कि सड़क पर किसी भी संभावित खतरे को भांपकर पुलिस कंट्रोल रूम को तत्काल अलर्ट भी भेजेंगे। इस तकनीक की सबसे बडी खासियत यह है कि ये कैमरे अकेली महिला या संदिग्ध परिस्थितियों की पहचान करने में सक्षम होंगे। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी सुनसान गली में कोई महिला अकेली जा रही है या किसी शिक्षण संस्थान के बाहर पुरुषों के झुंड के बीच कोई लड़की फंसी है, तो सिस्टम इसे ‘खतरे का संकेत’ मानकर तुरंत कंट्रोल रूम को सूचित कर देगा।




