हम आंकड़ों में नहीं पड़ते एक व्यक्ति की मौत भी कष्टकारी: डॉ. यादव

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भोपाल (मध्य स्वर्णिम): सीएम मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल पत्रकारों से बात करने बीजेपी ऑफिस आए थे। वह किसान और सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की बात कर रहे थे। इस दौरान सीएम मोहन यादव से इंदौर में दूषित पेयजल से घटित घटना में कितनी मौतें हुई हैं, इसे लेकर सवाल किया गया। सीएम मोहन यादव ने कहा कि हम आंकड़ों में नहीं पड़ते हैं। सीएम मोहन यादव ने कहा कि यह हमारे लिए गिनती का विषय नहीं है। एक व्यक्ति की जान जाना भी हमारे लिए कष्टकारी है। हम इसके आंकड़े में नहीं पड़ रहे हैं। ये अलग बात है कि प्रशासन की दृष्टि से उनका अपना एक अलग तरीका होता है। पीएम कराने वाले लोगों का कुछ आंकड़ा था। हमने कहा कि कोई बात नहीं है। उस परिक्षेत्र के अंदर जब घटना घटी है तो नगर निगम के माध्यम से एक पंजीयन होता है। राहत देने के मामले में हम उस आंकड़े के बजाए सबके साथ हैं। मोहन यादव ने कहा कि आम हमने निर्णय लिया है कि हर जिले में स्टाल्स के माध्यम से किसानों के प्राकृतिक उत्पाद आम जन को उपलब्ध कराएंगे, इसके साथ ही किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए प्रोत्साहन देने हेतु अनुदान भी देंगे। गौरतलब है कि इंदौर के भागीरथपुरा में अभी तक 18 लोगों की मौत हुई है। प्रशासन ने कहा है कि हमने 15 लोगों को मुआवजा राशि दी है। संवेदनशीलता के आधार पर हमलोगों की मदद कर रहे हैं। हालांकि इनमें अधिकांश शवों का पोस्टमार्टम ही नहीं हुआ है।

किसान कल्याण वर्ष रहेगा यह:
इसके साथ ही सीएम मोहन यादव ने कहा कि जिस प्रकार हमने वर्ष-2024 को नारी वर्ष एवं वर्ष-2025 को उद्योग-रोजगार वर्ष घोषित किया था, ठीक उसी प्रकार हमने वर्ष-2026 को किसान कल्याण वर्ष घोषित किया है। इस वर्ष हम सभी विभागों, दलों ओर कृषि क्षेत्र में कार्य करने वाले संगठनों, व्यक्तियों के साथ मिलकर किसान कल्याण के लिए कार्य करेंगे।

18 को मुआवजा दिया, दो प्रक्रियाधीन:

भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से फैली बीमारी और मौतों का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। अब तक सामने आई जानकारी के मुताबिक इस घटना में मौतों की संख्या 18 से बढ़कर 20 तक पहुंच गई है। हालांकि प्रशासनिक स्तर पर अब भी मौतों के आंकड़ों को लेकर स्थिति साफ नहीं है। प्रशासन जहां आधिकारिक तौर पर छह मौतों को दूषित पानी से जोड़कर देख रहा है वहीं 18 मृतकों के परिजनों को मुआवजा दिए जाने काम मामला सामने आया है।प्रशासन की ओर से अब तक 18 परिवारों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है। इनमें से 15 परिवारों को सीधे भुगतान किया जा चुका है जबकि तीन अन्य परिवारों के खातों की प्रक्रिया पूरी कर आरटीजीएस के माध्यम से राशि ट्रांसफर की जा रही है। कलेक्टर शिवम वर्मा का कहना है कि मीडिया रिपोट्र्स और अन्य माध्यमों से जिन-जिन मौतों की जानकारी सामने आई है उन सभी मामलों की गंभीरता से जांच कर पीडि़त परिवारों को सहायता दी गई है।