तकनीक, आत्म विश्वास और स्वावलंबन की मिसाल बनी ‘नमो ड्रोन दीदी’ योजना

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भोपाल (मध्य स्वर्णिम): ‘नमो ड्रोन दीदी’ योजना ग्रामीण महिलाओं के लिए आत्मविश्वास, स्वावलंबन और आधुनिक तकनीक से जुड़ाव का सशक्त माध्यम बनकर उभरी है। यह योजना न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त कर रही है, बल्कि कृषि क्षेत्र में अत्याधुनिक ड्रोन तकनीक के विस्तार को भी गति दे रही है। योजना में महिलाओं को ड्रोन पायलट प्रशिक्षण प्रदान कर ड्रोन उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे वे कृषि कार्यों में उर्वरक एवं कीटनाशक छिड़काव जैसी सेवाएँ देकर नियमित आय अर्जित कर सकें। वर्तमान में प्रदेश में 89 ‘नमो ड्रोन दीदियों’ को पायलट प्रशिक्षण देकर ड्रोन संचालन के लिए सक्षम बनाया गया है। चालू वित्तीय वर्ष में एक हजार से अधिक महिलाओं को चिन्हित कर प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है। राज्य सरकार द्वारा ड्रोन क्रय के सुलभ बन रही है। ‘नमो ड्रोन दीदी’ योजना के अंतर्गत महिलाओं को लिए 10 लाख रुपये की लागत पर 80 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। हितग्राही महिला को केवल 50 हजार रुपये का अंशदान करना होता है, जिससे यह योजना ग्रामीण महिलाओं के लिए सहज और ड्रोन उड़ाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाता है, जिससे वे कृषि कार्यों में आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग कर सकें। ड्रोन के माध्यम से उर्वरक एवं कीटनाशकों का छिड़काव कर महिलाएँ न केवल समय और श्रम की बचत कर रही हैं, बल्कि किसानों को भी किफायती और सटीक सेवाएँ उपलब्ध करा रही हैं। जबलपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत जोगीढ़ाना अंतर्गत ग्राम गोकलपुर निवासी सपना काछी कभी एक सामान्य घरेलू महिला थीं। परिवार की आर्थिक स्थिति को लेकर चिंतित रहती थीं।