जहरीली शराब से हो रही मौतों पर भड़का गुस्सा

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जबलपुर (मध्य स्वर्णिम): इंदौर में पानी त्रासदी के बाद जबलपुर में जहरीली शराब ने कहर बरपाया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बीते कुछ महीनों में 19 लोगों की मौत हो गई है। इसे लेकर बडी संख्या में कॉलोनी के लोगों ने प्रदर्शन किया है। साथ ही मृतकों की तस्वीर लगे बैनर लेकर भी पहुंचे थे। स्थानीय लोगों का आरोप था कि सब कुछ पुलिस की मिलीभगत से हो रहा है। अवैध शराब की बिक्री के बारे में पुलिस को खबर है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती है। यह घटना जबलपुर के बाबा टोला और सिंधी कैंप के इलाकों की है। लोगों का कहना है कि जहरीली शराब से लगातार मौतें हो रही हैं लेकिन प्रशासन खामोश है। हाथ में तख्तियां लेकर आए लोगों को देखकर पता चल रहा था कि यह सिर्फ मौत के आंकड़े नहीं, बल्कि टूटे हुए परिवारों, खामोश घरों और अधूरी रह गई जिंदगियों की दास्तान है। लोगों के साथ-साथ बड़ी संख्या में महिलाओं ने एसपी ऑफिस के सामने प्रदर्शन किया है। साथ ही त्रासदी के बारे में बताया है। लोगों का आरोप है कि यहां 10, 20 और 50 रुपये की पुड़ियों में अवैध शराब खुलेआम बिकती है। लाइसेंसी दुकानों के अलावा, घर-घर तक अवैध शराब पहुंचाई जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जो शराब लाइसेंसी दुकानों पर 100 रुपये में मिलती है, वह बाहर सिर्फ 50 रुपये में मिल जाती है। यह गरीब मजदूरों और दिहाड़ी मजदूरों को अपनी गिरफ्त में ले रही है। उनकी कमाई का एक बड़ा हिस्सा शराब पर खर्च हो जाता है, जिससे पूरा परिवार की महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भूख, कर्ज और निराशा में डूब जाते हैं ।19 मौतों के बाद, लोगों का गुस्सा सड़कों पर उतर आया। स्थानीय लोगों ने मृतकों की तस्वीरें लेकर रैलियां निकालीं और शराब की दुकानों को हटाने और अवैध शराब की बिक्री के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। महिलाओं का कहना है कि शराब ने न केवल उनके पति और बेटे छीने हैं, बल्कि पूरे खानदान को खत्म कर दिया है, जिससे कोई कमाने वाला नहीं बचा है। बढ़ते जन आक्रोश को देखते हुए प्रशासन हरकत में आया है। पुलिस और जिला अधिकारी इलाके में डेरा डाले हुए हैं और घर-घर जाकर पीड़ितों के परिवारों के बयान दर्ज कर रहे हैं। अधिकारी मानते हैं कि अत्यधिक शराब का सेवन मौतों का एक बड़ा कारण है, और अवैध शराब वितरण की जांच भी चल रही है।