इंदौर (मध्य स्वर्णिम): इंदौर के भागीरथपुरा में गंदे पानी से हुई दस मौतों के बाद कई घरों में मातम पसरा है। लोगों में गुस्सा भी है, लेकिन वे फिर भी खामोश हैं। बस्ती में दो दिन से जनप्रतिनिधियों के दौरे, निर्देशों के सिलसिले जारी है। बुधवार को वे बस्ती में बैठे नजर आए। उधर शाम को मुख्यमंत्री व जिले के प्रभारी मंत्री मोहन यादव भी भागीरथपुरा बस्ती के मरीजों से मिलने अस्पताल पहुंचे। उन्होंने मुंह पर मास्क लगा रखा था। हैरानी की बात यह है कि मंत्री कैलाश विजयवर्गीय उनके साथ होने के बजाए बस्ती में ही बैठे रहे। मुख्यमंत्री के साथ मेयर पुष्य मित्र भार्गव, मंत्री तुलसी सिलावट और विधायक गोलू शुक्ला थे। विधायक रमेश मेंदोला भी उनके साथ दिखाई नहीं दिए। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय सुबह दस बजे से बस्ती के एक मकान के बाहर सौफे पर बैठे रहे। वे शाम तक वहीं बैठे और रहवासियों से मिलते रहे। बीच-बीच में वे बोतलबंद पानी पीते रहे। घर पर जाकर खाने खाने के बजाए उन्होंने वहीं बैठकर सेव परमाल खाए। उनके आसपास सुरक्षाकर्मी भी तैनात थे। कैलीश विजयवर्गीय के साथ कुछ देर के लिए मेयर पुष्य मित्र भार्गव भी बैठे थे। वे फोन पर व्यस्त रहे। कभी रील देखी तो कभी भागीरथपुरा की खबरों को उन्होंने देखा। मेयर ने मंगलवार को पत्रकारों को चाय पर चर्चा के लिए बुलाया था। इस मामले में भी कांग्रेस ने उन्हें आड़े हाथों लिया। युवा कांग्रेस अध्यक्ष अमित पटेल का कहना था कि भागीरथपुरा में लोग मर रहे थे और मेयर को चाय पर चर्चा करने से फुर्सत नहीं थी।
पार्षद का झूला भी चर्चा में:
भागीरथपुरा के पार्षद कमल वाघेला का झूला झूलने वाला फोटो भी खूब वायरल हो रहा है है। वे बस्ती में ही एक घर के बाहर झूला रहे थे और कैमरे में कैद हो गए।
डॉ. यादव ने इन्दौर में दूषित जल आपूर्ति से संक्रमण को लिया गंभीरता से:
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जनसामान्य का स्वास्थ्य, राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित जल आपूर्ति से नागरिकों के संक्रमित होने की घटना को अत्यंत गंभीरता से लिया गया है। घटना में लापरवाही पाये जाने पर जोन क्रमांक 4 के जोनल अधिकारी, सहायक यंत्री एवं प्रभारी सहायक यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। प्रभारी उपयंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।




