भोपाल (मध्य स्वर्णिम): मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को ‘सशक्त नारी-समर्थ नारी ‘संवाद कार्यक्रम के अंतर्गत मुख्यमंत्री निवास पधारी प्रबुद्ध महिलाओं, आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं तथा ड्रोन दीदीयों से आत्मीय चर्चा में यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बहनों के साथ समूह चित्र भी खिंचवाया। बालिका सरगम कुशवाह ने मधुर देशभक्ति गीत प्रस्तुत किया, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बेटी सरगम को 51 हजार रूपए की राशि सम्मान और प्रोत्साहन स्वरूप देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बहन-बेटियों से इस प्रकार संवाद का क्रम आगामी माहों में भी जारी रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज महिलाएँ नहीं बहने मेरे घर आयी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की आत्मीयता ने बहनों को भाव विभोर कर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपनी सफलता के लिये बड़ी बहन श्रीमती कलावती यादव को श्रेय देते हुए कहा कि बड़ी बहन ने ही उन्हें राजनीति में आने के लिए प्रेरित करने के साथ आवश्यक सहयोग व प्रोत्साहन प्रदान किया। मां और बहन के संस्कार, प्रेम और उनके द्वारा दी गई हिम्मत ही उनके आगे बढ़ने का आधार बनी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे परिवार में बहू भी बेटी समान है, और दोनों ही दुलार, स्नेह और सम्मान की बराबर की हकदार हैं। सनातन संस्कृति मातृ सत्ता पर आधारित संस्कृति है। मां ही हम सभी के जीवन मे पहली गुरु होती है। विश्व में भारत ही ऐसा राष्ट्र है, जहां देश को माता के भाव से जोड़ा जाता है। जैसे मां के आंचल में सुख और सुरक्षा का भाव आता है, वैसे ही देश की सत्ता से भी आम आदमी को सुख और सुरक्षा का एहसास हो, यही हमारा उद्देश्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में विकास के साथ विरासत को संरक्षण प्रदान करते हुए गतिविधियां संचालित की जा रही है।
माँ के दिये संस्कार हैं हमारी धरोहर:
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बहनों से संवाद करते हुए कहा कि माँ द्वारा दिए गए संस्कार हमारी धरोहर हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपनी माँ का पुण्य स्मरण करते हुए कहा कि उनकी माँ उनमें और उनके मित्रों में कोई भेद नहीं करती थीं। सबको समान रूप से प्रेम और स्नेह मिलता था। उनका प्रयास है कि माँ के दिये संस्कारों के अनुरूप वे भी कार्य कर सके।कार्यक्रम के दौरान बालिका सरगम कुशवाह ने राष्ट्र भक्ति गीत गाया। उसकी सुरमई और आत्मविश्वासपूर्ण प्रस्तुति ने सभी का ध्यान आकृष्ट किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सरगम की प्रतिभा की सराहना करते हुए उसे कंठ कोकिला कहकर संबोधित किया और 51 हजार रुपए का पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया। सरगम के सुरों से निकले 51 हजार रुपए नन्ही प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के प्रति मुख्यमंत्री की संवेदनशील सोच को दर्शाते हैं।




