विशेष संपादकीय: राकेश व्यास (मो. 9977701999)
गुरुवार का दिन मध्यप्रदेश के समृद्ध विकास का गौरव दिन हो गया। मौका था. भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री पंडित अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म जयंती पर आयोजित कार्यक्रमों के विशाल श्रृंखला की। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव के समावेशी विकास और दो साल की उपलधियों का स्वर्णिम दिन अंकित हुआ। जब ग्वालियर में दो लाख करोड़ के निवेश का भूमिपूजन और शिलान्यास संपन्न हुआ। यकीन मानिए प्रदेश के इतिहास में एक ही दिन में इतने बड़े निवेश का खाका आज से पहले कभी नहीं खींचा गया था। वहीं रीत्रा में बसामन मामा गौवंश बिहार में आयोजित भव्य कृषक सम्मेलन में ऐतिहासिक उपस्थिति ने युवा और किसान के विकास के मूल मंत्र का प्रमाण पत्र मिला। गुरुवार का दिन इस मायने में भी खास था क्योंकि आधुनिक राजनीति के चाणक्य कहे जाने वाले अमित शाह ने दोनों जगहों पर प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव के प्रयासों की दिल खोलकर तारीफ की। इसके मायने यह है कि बीते दो वर्षों ने केंद्रीय नेतृत्व ने डॉ. मोहन यादव के नाम से जिस बीच का रोपण किया था वो दो वर्ष में ही विशालकाय वृक्ष बनकर न केवल फलदार हो गया है अपितु शाखाएं सम्मान में झुकने भी लगी है। अमित शाह के शब्दों में प्रदेश का संतुलित और समावेशी विकास का जो नक्शा डॉक्टर मोहन यादव के नेतृत्व में तैयार किया गया है। उससे गरीब, युवा, किसान और माध्य स्वर्णिम महिलाओं के चतुर्दिक विकास के रास्ते खुल रहे है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को GYAN के विकास का मूल मंत्र दिया, जिसमें गरीब, युवा, किसान और महिलाओं की समृद्धि से विकसित भारत 2047 का लक्ष्य निर्धारित किया। 13 दिसंबर 2023 को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर जिम्मेदारी संभालने वाले मोहन यादव ने पहले दिन से ही ज्ञान के मूलमंत्र पर चलना शुरू कर दिया। वर्ष 2024 को महिला सर्शाक्तकरण वर्ष के रूप में सरकार ने महिलाओं के समृद्धि के तमाम वो प्रयास किए जिसमें लाड़ली बहना योजना की राशि बढ़ाने से लेकर लखपति दीदी, स्वसहायता समूहों के माध्यम से स्वरोजगार, छात्रों को साईकिल, स्कूटी, लेपटॉप वितरण और महिलाओं को निःशुल्क ड्राइविंग लाइसेंस देने जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का यह प्रयास अभी थमा नहीं है। हाल ही में मुख्यमंत्री ने बजट की परवाह किए बिना 1.26 करोड़ महिलाओं के खाते में वायदे अनुसार 1500 रूपए की राशि डालकर प्रतिबद्धता दिखाई। वर्ष 2025 को युवाओं को समर्पित निवेश वर्ष मनाने का प्रयास फलीभूत हुआ। इंदौर से हटकर इन्वेस्टर्स समिट भोपाल आया और भोपाल से प्रदेश संभागीय मुख्यालयों में जब पहुंचा तो मध्यप्रदेश में धनवर्षा होने लगी। इतना ही नहीं विदेशों से भी छप्पर फाड़ कर निवेश के प्रस्ताव मिले। लगभग 45 लाख करोड़ के निवेश के प्रस्ताव एक वर्ष में लाना डॉक्टर मोहन यादव की जीवटता का परिचय है। यह केवल प्रस्ताव ही नहीं 10 लाख करोड़ निवेश प्रस्ताव पर काम शुरू हो गया है और कई इकाइयां उत्पादन शुरू कर चुकी है। इसका सीधा असर युवाओं के रोजगार पर पड़ रहा हैं। प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अवसर मिल रहे है। यदि आकड़ों की बात करे तो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से 15 लाख युवा निवेश वर्ष से लाभान्वित हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने अभी से ही ज्ञान के तीसरे सूत्र किसान पर काम करना शुरू कर दिया है। वर्ष 2026 किसानों की उन्नति और समृद्धि के लिए समर्पित होगा। मतलब साफ है कि स्वर्गीय अटल जी के शब्दों में हार नहीं मानूंगा, रार नयी ठानूंगा… मोहन यादव ने भी केंद्रीय नेतृत्व सूत्र को आत्मसात कर प्रदेश के संतुलित विकास का जो मार्ग अपनाया है उसकी उपलब्धियां देखकर यदि अमित शाह प्रफुलित हुए तो चौंकिएगा मत 13 दिसंबर 2023 को डॉक्टर मोहन यादव के नाम का जो निवेश भाजपा आलाकमान ने किया था, वो आज कई गुना फलदायी साबित हो रहा है।
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