भोपाल (मध्य स्वर्णिम): ग्वालियर में आज आयोजित होने जा रहा ‘अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट’ मध्यप्रदेश के विकास मॉडल को एक नए और व्यापक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत करने जा रहा है। यह आयोजन केवल निवेश प्रस्तावों और औद्योगिक घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उस समग्र सोच को सामने लाता है, जिसमें उद्योग, नगरीय विकास, पर्यटन, एमएसएमई, स्टार्ट-अप और रोजगार एक साथ आगे बढ़ते हुए दिखाई देते हैं। यही वजह है कि यह समिट राज्य की विकास यात्रा में एक साधारण कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक समन्वित विकास मंच के रूप में उभर रहा है। समिट के दौरान एमपीआईडीसी द्वारा आयोजित प्रदर्शनी और प्रस्तुतियों में नगरीय विकास विभाग की योजनाओं और उपलब्धियों को विशेष स्थान दिया गया है। प्रदर्शनी में लगाए गए सूचना पैनलों और ऑडियो-विजुअल फिल्म के माध्यम से यह बताया गया कि किस तरह शहरी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। इन योजनाओं का सीधा प्रभाव आम नागरिक के जीवन पर पड़ रहा है। स्मार्ट सिटी पहलों के जरिए बेहतर सड़कों, सार्वजनिक सेवाओं, डिजिटल सुविधाओं और शहरी प्रबंधन को मजबूती मिल रही है, जिससे शहरी जीवन की गुणवत्ता में निरंतर सुधार हो रहा है। नगरीय क्षेत्रों में जलप्रदाय, सीवरेज और हरित क्षेत्र विकास से जुड़ी बड़ी परियोजनाओं की जानकारी भी इस मंच पर प्रस्तुत की जा रही है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य केवल आधारभूत ढांचा विकसित करना नहीं, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखते हुए शहरी विस्तार को सुव्यवस्थित करना है। स्वच्छ जल आपूर्ति, बेहतर सीवरेज व्यवस्था और हरित क्षेत्रों का विकास शहरों को निवेश और रोजगार के लिए अधिक अनुकूल बना रहा है। शहरी आजीविका और आत्मनिर्भरता को मजबूत करने वाली योजनाओं को भी समिट में प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत स्ट्रीट वेंडर्स को दिए गए ब्याजमुक्त ऋृण, स्व-सहायता समूहों के माध्यम से परिवारों को आजीविका से जोड़ने और युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देने की पहल यह दर्शाती है कि शहरी विकास केवल इंफ्रास्ट्रक्चर तक सीमित नहीं, बल्कि मानव संसाधन के सशक्तिकरण पर भी समान रूप से केंद्रित है। भोपाल और इंदौर में मेट्रो रेल परियोजनाओं की प्रगति आधुनिक शहरी परिवहन की दिशा में राज्य की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। इसी व्यापक दृष्टिकोण का विस्तार मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के ‘अभ्युदय 2025’ पवेलियन में भी दिखाई देता है। यह पवेलियन आधुनिक तकनीक और सुसंगठित कंटेंट के माध्यम से राज्य की सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक स्थलों, वन्यजीव पर्यटन और अनुभवात्मक पर्यटन को प्रस्तुत करता है। एलईडी वॉल पर चलने वाली फिल्मों, वर्चुअल रियलिटी अनुभव, महाकाल दर्शन के लिए होलोग्राम तकनीक और डिजिटल स्टैंडीज़ के जरिए यह बताया जा रहा है कि मध्यप्रदेश पर्यटन के क्षेत्र में किस तरह नए अनुभव और अवसर विकसित कर रहा है।
उद्योग जगत की सहभागिता:
ग्रोथ समिट में देश के प्रतिष्ठित उद्योगपति और औद्योगिक संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इनमें गोदरेज इंडस्ट्रीज, गौतम सोलर, हीडलबर्ग सीमेंट, एलएनजे भीलवाड़ा समूह, जेके टायर, टोरेंट पावर, मैकेन फूड, एलिक्सर इंडस्ट्रीज़, ग्रीनको, जुपिटर वैगन्स, डाबर इंडिया, वर्धमान समूह, गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड जैसे प्रमुख औद्योगिक समूहों के प्रतिनिधि भाग लेंगे।कार्यक्रम स्थल पर स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन, विचारों और विकास दृष्टि पर आधारित विशेष प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही प्रदेश में बीते 2 वर्षों में हुए औद्योगिक सुधारों, निवेश प्रयासों और रोजग़ार उपलब्धियों को दर्शाने वाली प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिससे मध्यप्रदेश की औद्योगिक यात्रा को एक ही स्थान पर देखा जा सकेगा।




