मंत्री के प्रताप से ‘चेक पोस्टों’ पर फिर से चौथ वसूली का ‘उदय’

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मध्य स्वर्णिम: ग्राउंड जीरो रिपोर्ट- ऋषिकांत सिंह (रजत) परिहार (मो.9425002527)
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने 1 जुलाई 2024 को प्रदेश के सभी परिवहन चेक पोस्टों को बंद करने का ऐतिहासिक फैसला लिया था। क्योंकि इन परिवहन चेक पोस्टों पर होने वाली अवैध वसूली से मोहन सरकार की छवि धूमिल होने के साथ ही इसकी आंच भारतीय जनता पार्टी के कार्यालय खर्च और संगठन से जुड़े वित्तीय कामों तक पहुंच गई थी। जिसके बाद मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने गुजरात की तर्ज पर इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट लगाने का निर्णय लिया था। जो अभी पूरी तरह लागु नहीं हो पाए है और पुन: प्रदेश के 15 से अधिक छोटे-बड़े परिवहन चेक पोस्टों पर संगठित अवैध वसूली प्रारंभ हो गई है। जिससे मध्यप्रदेश राज्य की पहचान फिर एक बार दूसरे राज्यों में अवैध वसूली करने वाले राज्य के रूप में होने लगी है। सबसे खास बात यह है कि परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह को परिवहन चेक पोस्टों पर हो रही अवैध वसूली की पूरी जानकारी होने के बाद भी वे तो बस प्रतिदिन का आने दो… आने दो… की तर्ज पर काम कर रहे है। उन्हें कोई मतलब नहीं है कि मोहन सरकार पर इससे बदनामी का दाग लग रहे है।  दैनिक मध्य स्वर्णिम की टीम ने राजधानी से 350 किलोमीटर से अधिक दूरी पर स्थित बड़वानी जिले के सेंधवा परिवहन चेक पोस्ट पर पहुंचकर एक स्टिंग ऑपरेशन किया। जिसमें दुसरे राज्यों से आने वाले सैकड़ों वाहनों से कागज पूरी तरह कम्प्लीट होने के बाद भी 500-500 रूपए प्रति वाहन से वसूले जा रहे है। जब कुछ वाहन चालकों से चर्चा की तो उन्होंने बताया कि चेक पोस्ट प्रभारी ने 50 से अधिक निजी लोगों को इस काम के लिए लगा रखा है, जो 24 घंटे वसूली करते है। बताया जा रहा है कि सेंधवा चेक पोस्ट प्रभारी रविंद्र ठाकुर ने बकायदा एक पूरा सिस्टम तैयार कर रखा है। जिसमें बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों को रोककर पेपर चेक करना, रुपए वसूलना, रजिस्टर में ट्रक नंबरों की एंट्री करना, नगद रुपए एक व्यक्ति के पास एकत्रित होना, चेक पोस्ट से कुछ दूर अनऑफिशियल खाते में ऑनलाइन पेमेंट डलवाना, वसूली की व्यवस्था का विरोध करने वालों वाहन चालकों के साथ निजी लोगों द्वारा अभद्रता करना सहित अन्य चीजें शामिल है। यह तो बानगी है केवल एक चेक पोस्ट सेंधवा की। प्रदेश के लगभग सभी चेक पोस्ट पर स्थिति कमोबेश यही है। जहां खुलकर अवैध वसूली चल रही है। वसूली का यह पैसा प्रदेश के खजाने में नहीं बल्कि मंत्री और उनके मातहतों की जेब में जा रहा है। ऐसा नहीं है कि मंत्री उदय प्रताप को इस बात की जानकारी नहीं है, लेकिन पता नहीं क्यों प्रदेश के मुखिया की भावनाओं को आहत करना उनकी नियत बन गई है। सूत्रों की जानकारी यह है कि इस पूरे सिस्टम को वल्लभ भवन मंत्रालय में बैठे एक आईएएस द्वारा संचालित किया जा रहा है, जो यह तय करते है कि किस परिवहन चेक पोस्ट पर कौन सा आरटीआई जायेगा और वहां की क्या व्यवस्था रहेगी। इस स्टिंग ऑपरेशन की पूरी वीडियोग्राफी अनएडिटेड ‘दैनिक मध्य स्वर्णिम’ के पास सुरक्षित है। यदि सरकार या किसी जिम्मेदार की मंशा इसे प्रमाणित करने की होगी तो हम पूरे स्टिंग ऑपरेशन की मूल रिकॉडिंग उन्हें उपलब्ध करा सकते है।

प्रदेश के लिए दाग है अवैध परिवहन वसूली:
प्रदेश की चेक पोस्ट चौकियों पर चल रही अवैध वसूली तत्कालीन शिवराज सिंह चौहान सरकार के कार्यकाल के दौरान राष्ट्रीय बदनामी का कारण बनी। जब केंद्रीय भूतल राजमार्ग परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के कार्यालय से एक डीओ लेटर प्रदेश के मुख्य सचिव को लिखा गया, जिसमें चेक पोस्ट पर वसूली से पीडि़त नागपुर के ट्रंसपोर्ट व्यवसायियों की पीड़ा को बताते हुए गडकरी ने अवैध वसूली पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। राजनीतिक मजबूरियों के चलते शिवराज चेक पोस्ट को बंद करने का साहस नहीं जुटा पाए। लेकिन, मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने बड़ा और कड़ा फैसला लेते हुए 1 जुलाई 2024 को सभी चेक पोस्टों पर अवैध वसूली और लठैतों के जमघट पर रोक लगाने का फैसला किया। सरकार के फैसले के 15 महीने बाद ही एक बार फिर अवैध उगाही को लेकर चर्चा यह है कि इन वसूलीबाजों को परिवहन मंत्री का पूर्ण संरक्षण है।

आइए आपको वाहन चालकों की जुबानी बताते है कि कैसे सेंधवा चेक पोस्ट पर 24 घंटे संगठित अवैध वसूली का खेल जारी है:
टीम मध्य स्वर्णिम :- कहां की गाड़ी है और क्या लेकर जा रहे हो।
गिरदार सिंह (वाहन चालक) :- यह गाड़ी राजस्थान की है, जिसका नंबर RJ-07,GF-5317 है। इसमें मिटटी लोड है।
टीम मध्य स्वर्णिम :- क्या आपसे रूपए लिए है और क्या बोलकर लिए है।
गिरदार सिंह (वाहन चालक) :- हां, कागज पूरे होने बाद भी 500 रूपए प्रति ट्रक ले रहे है। नहीं देने पर बोल रहे है कि कोई भी कमी निकालकर बड़ा ऑनलाइन चालान कर देंगे।
टीम मध्य स्वर्णिम:- एमपी के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने तो परिवहन चेक पोस्टों पर वसूली की शिकायत आने के बाद चेक पोस्ट तो बंद कर दिए है।
गिरदार सिंह (वाहन चालक):- मध्यप्रदेश में पहले परिवहन चेक पोस्टों पर वसूली बंद थी। लेकिन पिछले तीन माह से पुन: शुरू हो गई है।
टीम मध्य स्वर्णिम:- रुपए देने पर कोई रसीद दी गई।
गिरदार सिंह (वाहन चालक):- नहीं किसी भी प्रकार की कोई रसीद नहीं दी गई है। केवल चेक पॉइंट पर एक रजिस्टर है ,जिसमें ट्रक नंबर की इंट्री हो रही है।
टीम मध्य स्वर्णिम:- चेक पॉइंट पर कब और कैसे रूपए मांगते है।
गिरदार सिंह (वाहन चालक):- चेक पॉइंट पर गाड़ी आने के बाद पहले फोटो मांगते है फिर बाद में गाड़ी लगाकर आने के बाद 500 रूपए लेते है। कुछ लोग तो ऑनलाइन पेमेंट भी करते है।

फैक्ट फाइल:
➤ औसतन प्रतिदिन 2500 से अधिक ट्रक निकलते हैं
➤ 500 रूपए प्रति ट्रक से 1250000 रूपए प्रतिदिन
➤ एक माह में लगभग 3.5 करोड़ रूपए की अवैध उगाही केवल सेंधवा से
➤ पूरे प्रदेश से करीब 35 से 40 करोड़ की अवैध वसूली

इन गाडिय़ों से वसूली तो हमारे सामने हुई:
मध्य स्वर्णिम की टीम जब स्टिंग ऑपरेशन कर रही थी तब बेखौफ वसूली बाज अपने वसूली अभियान को चला रहे थे। गाड़ी संख्या RJ-07,GE-0483, RJ-07,GE-9183, RJ-07,GG-0483, RJ- 07,GD-9034, RJ-07,GF-5317 के वाहन चालकों से सभी कागजात दिखने के बावजूद 500- 500 रूपए लिए गए। 5-6 लठैत धमकाते हुए अंदाज में जब वाहन चालकों पर दबाव बना रहे थे, तो सहमें हुए वाहन चालक पैसे देने को मजबूर थे। पैसे मिलने के बाद ही गाडिय़ों को आगे जाना दिया जा रहा था।

इनका कहना है:
वसूली की शिकायतों पर विभाग सजग है और कभी भी ऐसे मामलों को संरक्षण नहीं दिया जाता है। शिकायतें आने पर कड़ाई से कार्रवाई भी की जा रही है।
विवेक शर्मा परिवहन आयुक्त, मप्र

पिछले दो साल में सत्ता के संरक्षण में,खुलेआम लूट जारी है। सरकार को दो साल की उपलब्धि की जगह, लूट की रकम बतानी चाहिए। टोल पोस्ट पर उगाही कभी नहीं बंद हुई,सरकार की नीयत बंद करने की है भी नहीं।
अभिनव बरोलिया मीडिया समन्वयक मध्य प्रदेश,कांग्रेस

सरकार इस तरह के विषयों को संज्ञान में लेकर वैधानिक कार्रवाई जरूर करेगी।
मिलन भार्गव प्रदेश प्रवक्ता, भाजपा

मप्र इनका कहना ह जैसा कि गिरदार सिंह वाहन चालक ने टीम मध्य स्वर्णिम को वसूली की आपबीती बताई। इसका वीडियो मध्य स्वर्णिम के पास उपलब्ध है।