भोपाल (मध्य स्वर्णिम): मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा के नेतृत्व में देश और प्रदेश की स्वास्थ सुविधाओं में पिछले 11 वर्षों से लगातार वृद्धि हो रही है। मध्य प्रदेश में नए-नए मेडिकल कॉलेज और नर्सिंग कॉलेज कॉलेज खोले जा रहे हैं। प्रदेश सरकार नागरिकों की सुविधाओं में वृद्धि के लिए दिन-रात प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में प्रदेश की स्वास्थ्य सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार आया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को इंदौर के महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय परिसर में कुल 773.07 करोड रुपए लागत से निर्मित होने वाले 1450 बिस्तरीय अस्पताल के नवीन भवन निर्माण कार्य के भूमि पूजन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में प्रदेश के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, स्वास्थ्य राज्य मंत्री श्री नरेंद्र शिवाजी पटेल भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर कहा कि जिस तरह इंदौर शहर हमारे प्रदेश का गौरव है, उसी तरह इंदौर के एमवाय अस्पताल की भी मध्यप्रदेश में अपनी विशिष्ट पहचान है।
आने वाले वर्षों में इंदौर देश के अग्रणी महानगरों में होगा शामिल:
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में ब्रिलियेंट कन्वेशन सेंटर में इंदौर के विकास को नई गति देने के लिये महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विकास की अनेक सौगाते दीं। अधोसंरचनात्मक विकास को नई गति देने के लिये कई अहम निर्णय भी बैठक में हुये। इस मैराथन बैठक में इंदौर और उसके विस्तृत मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र के भविष्य को ध्यान में रखते हुए कई बड़े निर्णय लिए गए। बैठक में जनप्रतिनिधियों, विभागीय अधिकारियों और विशेषज्ञों ने सहभागी होकर शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर, यातायात, उद्योग, शिक्षा, मेट्रोपॉलिटीनरिजन, पूर्व एवं पश्चिमी बायपास, इकॉनामिक कारिडोर, स्थानीय परिवहन, आईटी, पर्यटन और मास्टर प्लान से जुड़े विषयों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बैठक इंदौर के विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।
डेयरी क्रांति की ओर मध्यप्रदेश का बड़ा कदम है डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना:
डॉ. यादव ने कहा है कि पशुपालकों एवं दुग्ध उत्पादकों को हर संभव तरीके से आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाया जाएगा। आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, पशुपालकों को आत्मनिर्भर बनाने सहित वर्तमान डेयरी उद्योग को सुनियोजित, सुव्यवस्थित, व्यावसायिक और लाभकारी बनाने की दिशा में डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना आरंभ की है। यह योजना खासतौर पर उन जरूरतमंद युवाओं, किसानों और पशुपालकों के लिए आशा की किरण बनकर उभरी है, जो आधुनिक डेयरी इकाई स्थापित कर अपनी आय का स्थायी साधन विकसित करना चाहते हैं। योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देना, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नये-नये अवसर सृजित करना और पशुपालकों की आय में वृद्धि करना है। डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना में लाभार्थियों को 25 दूधारू पशुओं की एक इकाई स्थापित करने का अवसर दिया जाता है।




