नई दिल्ली (मध्य स्वर्णिम): पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने सांसदों, विधायकों सहित पार्टी नेताओं की जिम्मेदारी तय कर दी है। अगले साल की शुरुआत में पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होने हैं। बंगाल को पांच जोन में बांटा गया है और हर जीन में दूसरे राज्यों के सीनियर नेताओं की भी तैनाती की गई है। राज्य के हर जिले में राज्य से बाहर के नेताओं की तैनाती भी शुरू कर दो गई है, साथ ही पिछले विधानसभा चुनाव की गलतियों से सबक भी लिया गया है। पिछले विधानसभा चुनाव में बीजेपी की उम्मीद थी कि वे सरकार बना लेंगे लेकिन बीजेपी 77 सीटें जीत पाई थी। सूत्रों के मुताबिक बीजेपी ने पिछले बार की गलतियों से सबक लिया है। सूत्रों ने कहा कि पार्टी की मीटिंग में इस पर बात हुई कि पिछले चुनाव में टीएमसी से बड़ी संख्या में नेताओं को बीजेपी में शामिल कराया गया था। टिकट बंटवारे में भी उनका ध्यान रखा गया। जिससे पार्टी के पुराने कार्यकर्ताओं की अनदेखी हुई, जिसका खामियाजा पार्टी को उठाना पड़ा। सूत्रों के मुताबिक इस बार इस बात का ख्याल रखा जाएगा कि बाहरियों के चक्कर में पार्टी के पुराने समर्पित कार्यकर्ताओं की अनदेखी ना हो। सूत्रों के मुताबिक इस पर भी पार्टी के भीतर चर्चा हुई कि ज्यादा फेज में वोटिंग होने का भी बीजेपी को नुकसान हुआ। पिछला विधानसभा चुनाव 8 चरणों में हुआ था। बीजेपी ने राज्य में पांच-छह बूध को मिलाकर एक शक्ति केंद्र बनाया है। हर शक्ति केंद्र की जिम्मेदारी पार्टी नेताओं और सक्रिय कार्यकर्ताओं को बांटी गई है। राज्य में बीजेपी के लोकसभा सांसद, राज्यसभा सांसद, पार्टी के विधायक, संगठन में पदाधिकारी सहित हर नेता को एक शक्ति केंद्र का जिम्मा दिया गया है। पार्टी नेतृत्व की तरफ से इनसे कहा गया है कि इन शक्ति केंद्र में बीजेपी को हो सबसे ज्यादा वोट मिलें ये उन्हें सुनिश्चित करना है और वे अपने हिसाब से लोगों से मिलने और कैंपेन चलाने की रणनीति बना सकते हैं।
जोन का जिम्मा दूसरे राज्यों के नेताओं को:
सूत्रों के मुताबिक बीजेपी ने पश्चिम बंगाल को पांच जोन में बांटा है। इनकी जिम्मेदारी दूसरे राज्यों के सीनियर नेताओं की दी है। वे पूरे जोन पर नजर रखेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि पार्टी की हर इकाई सही से काम करे। पार्टी ने कामकाज के लिहाज से राज्य को 43 जिलों में बांटा है। अब जिलावार जिम्मा भी दूसरे राज्यों के नेताओं को दिया जा रहा है। कुछ जिलों में नेताओं की तैनाती कर दी है और कुछ जिलों में अगले कुछ दिनों में तैनाती हो जाएगी। ये पूरी रिपोर्ट केंद्रीय नेतृत्व को देंगे।




