घुसपैठिए तय नहीं करेंगे कौन पीएम-सीएम बनेगा

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नई दिल्ली (मध्य स्वर्णिम): शीतकालीन सत्र के दौरान लोकसभा में चुनाव सुधारों पर चर्चा हुई। सरकार की ओर से गृह मंत्री अमित शाह ने चर्चा में भाग लिया। अमित शाह ने कहा कि एसआईआर पर चर्चा नहीं हो सकती है, क्योंकि चुनाव आयोग सरकार के अधीन काम नहीं करता, वह एक स्वतंत्र संस्था है। कांग्रेस एसआईआर को लेकर झूठ फैला रही है। कांग्रेस की ओर से जो झूठ फैलाया गया है, मैं उसका जवाब दूंगा। अमित शाह ने विपक्ष को कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए यह भी कहा कि देश का प्रधानमंत्री और राज्य का मुख्यमंत्री घुसपैठिये तय नहीं करेंगे। उन्होंने साफ कहा कि यह अधिकार केवल भारत के नागरिकों का है। शाह ने विपक्ष पर बेबुनियाद आरोप फैलाने का आरोप लगाया और जोर देकर कहा कि नरेंद्र मोदी को देश की जनता ने प्रधानमंत्री बनाया है, विपक्ष की कृपा से नहीं। उन्होंने चुनावी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की जरूरत पर भी बात की। गृह मंत्री अमित शाह लोकसभा में चुनाव सुधार पर चर्चा का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि दो दिन संसद की कार्यवाही नहीं चल सकी. लोगों के बीच इस तरह का संदेश देने की कोशिश की गई कि हम चर्चा नहीं करना चाह रहे हैं। हम भाजपा और एनडीए के लोग चर्चा से कभी नहीं भागे… चर्चा के लिए हमने न कहा, इसके पीछे भी कारण थे। विपक्ष एसआईआर की डिटेल में समीक्षा की मांग कर रहा है, जो संभव नहीं है क्योंकि यह चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र में आता है। हम चुनाव नहीं करवाते हैं। इस पर चर्चा होगी तो जवाब कौन देगा? जब ये चुनाव सुधार पर चर्चा के लिए तैयार हुए, हमने दो दिन चर्चा की।

राहुल गांधी के परमाणु बम का जवाब:
राहुल गांधी के परमाणु बम वाले दावे पर अमित शाह ने कहा कि वह हरियाणा का एक मकान नंबर बताते हुए दावा करते हैं कि इस घर में इतने वोटर हैं। चुनाव आयोग ने वेरिफिकेशन किया तो यह दावा ही गलत था। वोट चोरी का फर्जी नैरेटिव बनाने की कोशिश हो रही है।