भोपाल (मध्य स्वर्णिम): नए साल पर मध्यप्रदेश के लोगों की बिजली खर्च पर असर पड़ सकता है। पावर जनरेशन कंपनी ने बिजली दरों में 10 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया है, जिस पर जल्द सुनवाई शुरू हो सकती है। राज्य की पावर जनरेशन कंपनी ने मप्र विद्युत नियामक आयोग के समक्ष बिजली दरों में 10 प्रतिशत तक इजाफे का प्रस्ताव प्रस्तुत किया है। आयोग इस प्रस्ताव पर सुझाव और आपत्तियां लेने के लिए जन सुनवाई आयोजित करने की तैयारी कर रहा है। नियामक आयोग जन सुनवाई के दौरान आम जनता और हितधारकों की आपत्तियाँ सुनने के बाद ही अंतिम निर्णय देगा। फिलहाल प्रस्ताव ने उपभोक्ताओं में नए साल के बिलों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। नियामक आयोग मुख्यालय में दायर याचिका में कंपनी ने दावा किया कि लगातार बढ़ रहे लाइन लॉस और वित्तीय दबाव के कारण दरों में संशोधन आवश्यक हो गया है।
चुनावी वर्षों में मिली थी राहत:
पिछले दो वर्ष 2024 में लोकसभा और 2023 में विधानसभा चुनाव हुए, जिसके चलते आयोग ने दर बढ़ोतरी पर सख्ती दिखाई थी। 2024 में 3.86 प्रतिशत बढ़ोतरी की मांग के मुकाबले मात्र 0.7 प्रतिशत और 2023 में 3.20 प्रतिशत की तुलना में केवल 1.65 प्रतिशत बढ़ोतरी को मंजूरी मिली थी। प्रदेश में सहकारिता चुनाव भी प्रस्तावित हैं, ऐसे में राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए आयोग बड़ी राहत देने की संभावना कम लग रही है। सूत्रों का अनुमान है कि नई दरें 4 से 6 प्रतिशत की सीमा में तय की जा सकती हैं। इसके बाद भी उपभोक्ताओं के लिए नए साल में बिजली बिल बढऩा लगभग तय माना जा रहा है।




