राजधानी के 2.26 लाख मतदाता ‘नो मैपिंग’ में

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भोपाल (मध्य स्वर्णिम): राजधानी में मतदाता सूची के पुनरीक्षण का काम खत्म हो गया है। प्रशासन ने शहर की सभी सात विधानसभा सीटों के 21 लाख से अधिक मतदाताओं का डेटा ऑनलाइन सिस्टम में दर्ज कर दिया है। अभियान के दौरान बेहतर काम करने वाले बूथ लेवल अधिकारियों को बड़ा तालाब में शिकारा की सवारी कर सम्मानित भी किया गया। वहीं, लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। हालांकि जहां काम पूरा करने पर बीएलओ को बल्ले-बल्ले हुई। वहीं, 2.26 लाख वोटर्स की धक-धक हो रही है। एसआईआर की डिजिटाइजेशन में बैरसिया विधानसभा ने बाजी मारी है। वहीं, प्रक्रिया के दौरान 2 लाख 26 हजार (10.7 प्रतिशत) ऐसे मतदाता सामने आए हैं, जिनका डेटा साल 2003 की लिस्ट से मैच नहीं हो रहा है। इन्हें ‘नो मैपिंग’ के दायरे में रखा गया है। नरेला विधानसभा में सर्वाधिक 15.61 प्रतिशत मतदाता इस श्रेणी में हैं, जबकि बैरसिया में सबसे कम (1.35 प्रतिशत) मतदाता मिले हैं। उप जिला निर्वाचन अधिकारी भुवन गुप्ता ने बताया कि जिन मतदाताओं के नाम पुराने रिकॉर्ड से मेल नहीं खा रहे हैं, उन्हें किसी भी तरह की घबराहट की जरूरत नहीं है।