नई दिल्ली: इंडिगो संकट को लेकर सरकार अब सख्त नजर आ रही है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इस संकट से निपटने के लिए कई दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सरकार की ओर से इंडिगो को यात्रियों का पैसा तुरंत वापस करने के लिए कहा गया है। इसके साथ ही सरकार ने दूसरी एयरलाइन के किराये में हुए बेहताशा बढ़ोतरी पर भी लगाम लगा दी। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने सभी प्रभावित रूट्स पर सही और वाजिब किराया सुनिश्चित करने के लिए अपनी रेगुलेटरी पावर का इस्तेमाल किया है। सरकार ने एयरलाइन से कहा कि वह तय हवाई किराये से ज्यादा न लें। इंडिगो की उड़ान बाधित होने से हजारों यात्रियों के प्रभावित होने के बीच नागर विमानन मंत्रालय ने शनिवार को एयरलाइन को निर्देश दिया कि रद्द की गई उड़ानों के लिए टिकट के रिफंड की प्रक्रिया रविवार शाम तक पूरी कर ली जाए। सरकार ने साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि यात्रियों के छूटे हुए सामानों को अगले दो दिनों में उन तक पहुंचा दिया जाए। इसके अलावा, एयरलाइन को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि जिन यात्रियों का ट्रैवल प्लान रद्द या प्रभावित हुआ है, उनसे कोई रिशेड्यूलिंग चार्जेस न लिए जाएं। मंत्रालय ने साफ किया कि रिफंड प्रक्रिया में किसी भी तरह की देरी या नियमों का पालन न करने पर तुरंत नियामक कार्रवाई की जाएगी। मंत्रालय ने यह भी निर्देश दिया कि एयरलाइन यह सुनिश्चित करे कि उड़ान रद्द होने या देरी के कारण यात्रियों के छूटे हुए सामान का पता लगाया जाए और अगले 48 घंटों के भीतर उन तक पहुंचाया जाए। यात्रियों की सुविधा और शिकायत निवारण को सुनिश्चित करने के लिए मंत्रालय ने इंडिगो को निर्देश दिया कि वह डेडिकेटेड पैसेंजर सपोर्ट और रिफंड फैसिलिटेशन सेल्स स्थापित करें। इन सेल्स का काम होगा प्रभावित यात्रियों से संपर्क करना और यह सुनिश्चित करना कि वे रिफंड और अन्य ट्रैवल अरेंजमेंट्स के लिए बार-बार फॉलो-अप करने की जरूरत न महसूस करें। मंत्रालय ने कहा कि परिचालन पूरी तरह से स्थिर होने तक ऑटोमेटिक रिफंड सिस्टम सक्रिय रहेगा। इंडिगो के परिचालन में आ रही समस्याओं पर एयरलाइन की ओर से शनिवार को बयान जारी किया गया। इस बयान में इंडिगो ने कहा कि एयरलाइन पूरे नेटवर्क में अपने परिचालन को पटरी पर लाने के लिए पूरी लगन से काम कर रही है।




