‘खरमास’ के पहले भाजपा को मिलेगा नया ‘प्रधान’ !

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‘आवाज जो उठी है, अब रुकने वाली नहीं, ये चाहत है बदलाव की, जो थमने वाली नहीं।’

राजनीतिक-खबर: ऋषिकांत सिंह (रजत) परिहार (मो. 9425002527)
भारतीय जनता पार्टी में बिहार चुनाव परिणाम के बाद सबसे ज्यादा हलचल पार्टी के सर्वोच्च पद, राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर है। पिछले एक समाह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, संगठन महामंत्री बीएल संतोष और भाजपा के साथ समन्वय के प्रमुख के तौर पर एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे सह सरकार्यवाह अरुण कुमार के बीच में बैठक हो चुकी है। जिसमें नए राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के नाम पर लगभग अंतिम निर्णय हो चुका है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी उनके निवास पर बीएल संतोष और अरुण कुमार की चर्चा हो चुकी है। दरअसल 2026 में देश के पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम, पुडुचेरों जैसे राज्यों में विधानसभा चुनाव होना है। जिसमें पार्टी नए नेतृत्व के साथ चुनावी मैदान में उतरना चाहती है। हमारे नई दिल्ली के अति भरोसेमंद सूत्रों का कहना है कि शीर्ष नेतृत्व के बीच सब कुछ तय हो चुका और 16 दिसंबर से शुरू होने वाले ‘खरमास’ (जिसे धार्मिक रूप से शुभ नहीं माना जाता) के पहले भारतीय जनता पार्टी को नया ‘प्रधान ‘मिल जाएगा। सूत्रों का तो यह भी कहना है कि पार्टी के नए प्रधान के लिए सबसे पहला नाम केंद्रीय शिक्षा मंत्री ‘धर्मेंद्र प्रधान’ का है। जिन्हें बिहार विधानसभा चुनाव प्रभारी के रूप में मिली बड़ी जीत के बाद ‘रिटर्न गिफ्ट’ देने की तैयारी हैं। जिस पर संगठन, आरएसएस और पार्टी की सहमति है। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के नाम कई प्रमुख उपलब्धियां है, जैसे प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, कौशल विकास, शिक्षा सुधार, ऊर्जा सुरक्षा, सामाजिक और सांस्कृतिक योगदान सहित अन्य है। जो मोदी सरकार के लिए रोल मॉडल साबित हुई हैं। वैसे बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए भूपेंद्र यादन देवेंद्र फड़वनीश, विनोद तावडे, जैसे नामों पर भी पार्टी ने विचार किया है। वहीं देश के सबसे बड़े राज्य उत्तरप्रदेश को भी योगी की पसंद का प्रदेश अध्यक्ष कुछ ही दिनों में मिलना तय है। पार्टी 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश संगठन को पूरी तरह मजबूत और तैयार करना चाहती है। जिसे दृष्टिगत रखते हुए बहुत जल्दी उत्तर प्रदेश के नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम की घोषणा भी होगी। यहां पर हरीश द्विवेदी, बीएल वर्मा और धर्मपाल सिंह के नाम पर पार्टी विचार कर रही है। बताते है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बीच में पहले जरूर राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर किसी एक नाम पर सहमति नहीं बन पा रही थी. लेकिन बाद में जरूर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के हेड क्वार्टर नागपुर गए और फिर दोबारा बीते 25 नवंबर को मोहन भागवत के साथ अयोध्या के राम मंदिर के शिखर पर भगवा धर्म ध्वज फहराया। जिसके बाद संघ प्रमुख मोहन भागवत ने 1 दिसंबर को पुणे में जो कहा वह गौर करने योग्य हैं। क्योंकि उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बोलते, हैं, तो विश्व के नेता ध्यान से सुनते हैं और ऐसा इसलिए हो रहा है, क्योंकि भारत को ताकत सामने आ रही है और देश को उसका उचित स्थान मिल रहा है। संघ प्रमुख का ‘मोदी’ को लेकर कहा गया यह ब्यान बताता है कि अब ‘मोदी भागवत’ के बीच सब कुछ ठीक हो गया है, इसलिए ‘खरमास’ के पहले भारतीय जनता पार्टी को नया ‘प्रधान’ मिल जाए तो किसी को आश्चर्य नहीं होना चाहिए।