वीआईटी प्रबंधन ने छात्रों से रातों-रात कैंपस खाली कराया

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भोपाल/सीहोर (मध्य स्वर्णिम): वीआईटी यूनिवर्सिटी में मंगलवार-बुधवार की रात भयंकर बवाल के बाद प्रबंधन द्वारा कैंपस को खाली करा लिया गया है। हंगामे के बाद देर रात वीआईटी प्रबंधन ने अचानक सभी छात्रों को मेल भेजा कि ‘कैंपस तुरंत खाली करें, कॉलेज 30 नवंबर तक बंद रहेगा।’ इसके कुछ समय बाद एक और मेल आया कि छुट्टी बढ़ाकर 8 दिसंबर तक कर दी गई है। वीआईटी में करीब 16 हजार छात्र पढ़ते हैं, जिनमें से 10 हजार से ज्यादा छात्र और 2 हजार छात्राएं आठ हॉस्टलों में रहते हैं। मेल मिलते ही छात्रों का घर लौटना शुरू हो गया। मेल मिलते ही छात्र सामान उठाकर भागे, लेकिन कैंपस से हाईवे 1 किलोमीटर दूर है। हजारों छात्र बैग लेकर पैदल ही हाईवे पहुंचे। टेंपो वालों ने 1 किमी का 100 रुपए और भोपाल-इंदौर बसों ने 700-900 रुपए तक वसूले। कई छात्रों को रातभर इंतजार करना पड़ा। दरअसल खराब मेस फूड और दूषित पानी से पीलिया फैलने और गार्डों द्वारा छात्रों की पिटाई के वीडियो वायरल हो गए। गुस्साए करीब 4000 छात्रों ने कैंपस में खड़ी बसें, कारें और फर्नीचर में आग लगा दी और जमकर तोड़फोड़ की। हंगामा इतना बढ़ गया कि 5 थानों की पुलिस के साथ पैरामिलिट्री फोर्स भी तैनात करनी पड़ी। छात्रों का आरोप है कि पिछले कई दिनों से मेस में घटिया खाना और गंदा पानी दिया जा रहा है। इसके चलते अब तक 100 से ज्यादा छात्रों को पीलिया हो चुका है। कुछ छात्रों की हालत इतनी गंभीर है कि उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, और छात्रों ने आरोप लगाया कि कुछ की मौत भी हो चुकी है।

सीएम मोहन यादव ने किया हस्तक्षेप:
घटना के संज्ञान में आते ही मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तुरंत कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए। सुबह 7 बजे उनके आधिकारिक – अकाउंट से ट्वीट कर बताया गया कि उन्होंने प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर का कॉलेज पहुंचने के निर्देश दिए हैं। ट्वीट में उन्होंने लिखा है कि विद्यार्थियों का हित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।