मोहन ने कार्य से मोह लिया जनता को

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राजकाज मध्य स्वर्णिम: राकेश व्यास (मो. 9977701999)
मोहन यादव न केवल सरकार चलाने में सफल साबित हुए, बल्कि राजनीतिक मोर्चे पर भी सफल रहे। 2024 के लोकसभा चुनाव में सभी 29 लोकसभा सीटों पर जीत हासिल कर राजनीतिक पंडितों को हैरान कर दिया। कांग्रेस के देश में सबसे मजबूत गढ़ों में शामिल रही छिंदवाड़ा सीट पर भी 26 साल बाद जीत दर्ज की। इससे पहले अमरवाड़ा विधानसभा उपचुनाव में जीत से पार्टी में अपना कद बता चुके थे। जहां भाजपा के सभी बड़े नेता राम पर फोकस करते रहे, वहीं मोहन यादव ने कृष्ण भत और उज्जैन से खुद को जोड़कर अलग छवि बनाई। वे कृष्ण जन्मभूमि की बात करते रहे तो जन्माष्टमी का आयोजन सरकारी स्तर पर कर अपनी छवि को और बेहतर किया। भाजपा ने उत्तर प्रदेश और बिहार के चुनावों में भी उन्हें स्टार प्रचारक के रूप में काम लेकर उनका बढ़ता कद बता दिया था। बिहार में मोहन यादव ने 25 सभा की थी जिसमे 21 जगह जीत का परचम लहराया। पहले लोग मान रहे थे मोहन कुछ समय तक मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री रहेंगे लेकिन मोहन यादव में ये काम कर बता दिया की अभी ये पारी लंबी चलेगी। क्योकि मोहन यादव ने जनता के बीच छवि भाई के रूप में गढ़ी। सभाओं में प्यारे भैया, मोहन भैया के बैनरपोस्टर इसकी गवाही देते रहे।मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार को दो साल पूरा होने जा रहा है। 11 दिसंबर 2023 को जब उनके नाम का ऐलान हुआ था, तब कई बुद्धिजीवियों का सवाल था कि लगभग 20 साल सरकार चलाने वाले मामा शिवराज के मुकाबले उन्हें मुख्यमंत्री क्यों बनाया गया है, अब दो साल होने पर विश्लेषण करने का समय है।डॉ. मोहन यादव ने 13 दिसंबर 2023 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, तब से अब तक विभिन्न नवाचार कर विकसित प्रदेश बनाने के लिए सरकार प्रयासरत है। मोहन सरकार का जोर सुशासन पर लगा है । बता दें कि मध्य प्रदेश सरकार की उपलब्धियों में निवेश को बढ़ावा देना, महिला सशक्तीकरण, ई-गवर्नेंस में सुधार और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्र शामिल हैं। सरकार ने निवेश के लिए औद्योगिक पार्क स्थापित किए हैं, महिला स्व-सहायता समूहों को बढ़ावा दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य के हर जिले में निवेश को सक्रिय रूप से लाने का काम किया है। उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, नर्मदापुरम, शहडोल, सागर और रीवा में आयोजित क्षेत्रीय रीजनरल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव (आरआईसी) उद्योग सम्मेलन ने स्थानीय उद्यमियों और उद्योगपतियों को सीधे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के साथ जोड़ा। मुख्यमंत्री ने जर्मनी, स्पेन और जापान सहित प्रमुख देशों के दौरे किए, जहां उन्होंने मध्य प्रदेश के औद्योगिक अवसरों और निवेश की संभावनाओं को वैश्विक मंच पर पेश किया ।देश के प्रमुख औद्योगिक शहरों में रोड शो के माध्यम से निवेशकों को प्रदेश की सरल सुगम औद्योगिक नीतियों, योजनाओं और अवसरों से सीधे परिचित किया। सितंबर 2025 तक 33 हजार 450 हेक्टेयर में 139 औद्योगिक पार्क तैयार हो चुके हैं जो 2023 की तुलना में दोगुने से अधिक हैं। ई-पंजीयन और ई- स्टांपिंग की परिष्कृत प्रणाली के लिए राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार प्राप्त हुआ है। वीडियो केवाईसी के माध्यम से 75 दस्तावेजों का पंजीकरण संभव है, जो पूरे देश में पहली बार हो रहा है। सांकेतिक 2.0 साफ्टवेयर को भी ई-गवर्नेंस पुरस्कार मिला है, जो ऑनलाइन ई-स्टांप की सुविधा देता है। मनरेगा के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर विकास कार्य जैसे खेत तालाब, अमृत सरोवर और सामुदायिक संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है। मनरेगा योजना के तहत अनुसूचित जनजाति वर्ग के परिवारों को रोजगार देने में प्रदेश अग्रणी है।मुख्यमंत्री जन आवास योजना के माध्यम से सभी को आवास उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। चाइल्ड बजटिंग शुरू करने वाला मध्य प्रदेश पहला राज्य है। वैसे मोहन सरकार वादों से ज्यादा कामो को तबज्जो दे रही है। हर 12 साल में उज्जैन में लगने वाला सिंहस्थ जो प्रदेश ही नहीं बल्कि पुरे देश – विदेश में विख्यात है मोहन सरकार के लिए अग्नि परीक्षा है क्योकि मोहन यादव उज्जैन से विधायक है ,उनकी कर्मभूमि रही है ये आयोजन उनकी प्रतिष्ठा से जुड़ा हुआ है। तो अभी सबसे ज्यादा ध्यान उज्जैन में लगा है। अभी हाल ही में किसान उज्जैन में लैंड पुलिंग को लेकर परेशान थे। मोहन यादव सरकार ने सिंहस्थ लैंड पूलिंग एक्ट निरस्त कर दिया है। सीएम आवास पर भारतीय किसान संघ, भाजपा और अन्य प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसका ऐलान किया है। बताया जा रहा है कि किसान सिंहस्थ लैंड पूलिंग एक्ट का पिछले काफी समय से विरोध कर रहे थे। आखिरकार सरकार ने किसानों की बात मानी और इसे निरस्त कर दिया। मोहन यादव ने स्थाई रूप से भले न किया हो लेकिन किसानो के दर्द को समझते एक रास्ता जरूर निकला। मुख्यमंत्री चाहते है की सिंहस्थ के समय लाखो की संख्या में श्रद्धालु आये तो उन्हें और उज्जैन के रहवासियों को समस्या न हो इस कारण वो अधिक से अधिक सरकारी और किसानो की ज़मीनो पर सड़क और पक्के निर्माण कर पाए उसके बदले मुआवज़ा भी देने को तैयार थे लेकिन किसान मानने को तैयार नहीं हुआ इस लिए प्रशाशन ने आदेश को निरस्त कर दिया खैर प्रदेश में मुख्यमंत्री जिस गति से और जैसा काम कर रहे वो बाकई कबीले तारीफ है। लाड़ली बहना के अंतर्गत मोहन सरकार ने बता दिया जो बोला वो किया अभी लाड़ली बहाना को 1500 रूपए दे रहे आने वाले समय में 3000 तक देंगे जो बोला वो कर के दिखाएँगे। प्रदेश में बाकई मोहन के कार्य से जनता खुश है।