बैंगलुरू टेक समिट में प्रदर्शित हुआ टियर-2 टेक्नोलॉजी इको सिस्टम

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भोपाल: राज्य सरकार ने बेंगलुरु इंटरनेशनल एग्जीबिशन सेंटर (बीआईईसी) में आयोजित बेंगलुरु टेक समिट (बीटीसी) 2025 में उल्लेखनीय भागीदारी दर्ज की। बीटीसी 2025 में विशेष प्रदर्शनी मंडप से राज्य की तेजी से विकसित होती टेक्नोलजी ईकोसिस्टम और भारत के प्रमुख टियर-2 इनोवेशन हब के रूप में मध्यप्रदेश की स्थिति को प्रभावशाली रूप से प्रदर्शित किया गया। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन ने मध्यप्रदेश मंडप हॉल 3, बूथ एचएस 17 में स्थापित किया। मंडप में प्रदेश की समग्र नीति व्यवस्था को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया। मंडप ने वैश्विक कंपनियों, टेक्नोलॉजी लीडर्स और तेजी से बढ़ते स्टार्टअप्स का ध्यान विशेष रूप से आकर्षित किया। प्रदर्शनी में पहुंचे उद्योग प्रतिनिधियों ने राज्य में निवेश अवसरों का आकलन किया और भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था के अंतर्गत प्रदेश में नए अवसरों पर विचार विमर्श किया। मंडप में प्रमुख रूप से ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) पॉलिसी 2025, ड्रोन प्रमोशन और उपयोग पॉलिसी 2025, VGC-XR पॉलिसी 2025, सेमीकंडक्टर पॉलिसी 2025 और IT, ITES & ESDM निवेश संवर्धन पॉलिसी 2023 प्रदर्शित की गईं। इन नीतियों का उद्देश्य राज्य को सूचना प्रौद्योगिकी सेवाओं, ईएसडीएम और सेमीकंडक्टर निर्माण, डेटा सेंटर, जीसीसी, एवीजीसी-एक्सआर स्टूडियोज और ड्रोन तकनीक के लिए एक प्रमुख और आकर्षक निवेश केंद्र बनाना है। इन प्रगतिशील नीतियो की सहायता और मिशन-आधारित प्रशासनिक दृष्टिकोण से मध्यप्रदेश भारत का अग्रणी टेक्नोलॉजी हब बन रहा है। मंडप में मध्यप्रदेश के तेजी से बढ़ते तकनीकी परिदृश्य को भी प्रस्तुत किया गया जो 15 से अधिक आईटी पार्क, 6 आईटी एसईजेड, 2000 से अधिक आईटी और ईएसडीएम इकाइयां, 1200 से अधिक टेक-स्टार्टअप्स और 2 लाख से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार से सशक्त है।