12 जिलों में खुलेंगे आयुष अस्पताल, अनाथ बच्चों 4-4 हजार की आर्थिक सहायता राशि

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भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में किसानों, बच्चों, स्वास्थ्य सेवाओं और वैज्ञानिक शोध जैसे कई क्षेत्रों को लेकर बड़े फैसले लिए गए। बैठक के सभी निर्णय लोगों के जीवन से सीधे जुड़े हुए हैं और आने वाले समय में इनके व्यापक प्रभाव देखने की उम्मीद है। मिशन वात्सल्य योजना के तहत गैर- संस्थागत सेवा योजना को अगले 5 वर्षों तक जारी रखने की सहमति दी गई। इस योजना में उन बच्चों को मदद मिलेगी जिनकी देखभाल माता-पिता किसी कारणवश नहीं कर पा रहे हैं। पात्र बच्चों को हर महीने 4,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। 18 वर्ष के बाद संस्थानों से बाहर होने वाले बच्चों को आफ्टर केयर के माध्यम से रोजगार प्रशिक्षण से जोड़ा जाएगा ताकि वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें। इस योजना से पूरे प्रदेश में 33,346 बच्चों को सीधा लाभ होगा। इसके लिए कुल 1,022 करोड़ रुपये से अधिक राशि खर्च होगी। केंद्र और राज्य दोनों इसका भार उठाएंगे। प्रदेश के 12 जिलों भोपाल, इन्दौर, नरसिंहपुर, मण्डलेश्वर (खरगौन), बालाघाट, गुना, भिण्ड, सीहोर, अमरकंटक (अनूपपुर), पन्ना, श्योपुर एवं शुजालपुर (शाजापुर) में 50 बिस्तरीय आयुष चिकित्सलयों एवं बड़वानी जिले में 30 बिस्तरीय चिकित्सालय खोला जाएगा। इसके संचालन के लिए 373 पद एवं 806 मानव संसाधन सेवाएं ऑन कॉल की स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वीकृत नवीन पदों में प्रथम श्रेणी के 52 पद, द्वितीय श्रेणी के 91 और तृतीय श्रेणी के 230 पद शामिल है। नियमित पदों पर वार्षिक वित्तीय भार 25 करोड़ 57 लाख रूपये आयेगा। इसके साथ ही स्वीकृत मानव संसाधन सेवाओं मे द्वितीय श्रेणी के 91, तृतीय श्रेणी के 117 और चतुर्थ श्रेणी के 598 पद शामिल है। मानव सेवाओं का प्रबंधन भारत सरकार के राष्ट्रीय आयुष मिशन से किया जायेगा।

विश्वस्तरीय होगा सिंहस्थ:
सीएम ने किया आश्वस्त मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि यह सौभाग्य का विषय है कि इस बार उज्जैन में भव्य, दिव्य और विश्व स्तरीय सिंहस्थ: 2028 मेले का आयोजन किया जाएगा। राज्य सरकार इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां पर गंभीरता के साथ कार्य कर रही है। अब उज्जैन सिर्फ हमारा धार्मिक शहर ही नहीं, बल्कि यह धार्मिक पर्यटन और ज्ञान- विज्ञान के बड़े केंद्र के रूप में विकसित हो चुका है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में उज्जैन में इस बार अद्भुत सिंहस्थ का आयोजन होने वाला है। इसके लिए राज्य सरकार जिला प्रशासन, साधु-संतों के साथ-साथ किसानों से भी सुझाव ले रही है। हर वर्ग की परेशानियों को दूर करते हुए सबको साथ लेकर बेहतर इंतजाम किए जा रहे हैं। सिंहस्थ मेला क्षेत्र के विकास के संबंध में किसानों की भावना और उनकी सहमति के अनुसार गतिविधियां संचालित की जाएंगी। केन्द्र सरकार के सहयोग और राज्य सरकार के उचित नियोजन के परिणामस्वरूप सिंहस्थ के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं। सिंहस्थ का आयोजन विश्वस्तरीय है और इसके लिए विश्वस्तरीय प्रबंधन किए जा रहे हैं। भविष्य में किसी प्रकार की कानून-व्यवस्था की विषम परिस्थिति निर्मित न हो, इसके लिए सभी तरह के प्रबंध राज्य सरकार कर रही है।