जल संचय जन भागीदारी में अभ्युदय मध्यप्रदेश का परचम

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नई दिल्ली/खंडवा: भारत सरकार के जल शक्ति अभियान: कैच द रेन’ के तहत चलाए जा रहे ‘जल संचय, जन भागीदारी’ अभियान में खंडवा जिले ने जल संरक्षण के क्षेत्र में देशभर में प्रथम स्थान हासिल किया है। इस उपलब्धि पर केंद्र सरकार की ओर से खंडवा जिले को 2 करोड़ रुपए का पुरस्कार दिया गया है। यह राशि जिले में आगे जल संरक्षण एवं भूजल पुनर्भरण गतिविधियों को विस्तार देने में उपयोग होगी। राष्ट्रीय जल संरक्षण की दिशा में मध्य प्रदेश ने एक बार फिर इतिहास रच दिया और राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है। नई दिल्ली के विज्ञान भवन में मंगलवार को 6वां राष्ट्रीय जल पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम में खरगोन जिले की पूर्वी क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ जिले को, जबकि खंडवा जिले की कावेश्वर ग्राम पंचायत को देश की सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायत के रूप में चुना गया। यह सम्मान देशभर की लाखों पंचायतों के बीच तीव्र प्रतिस्पर्धा के बाद मिला है। इसने खंडवा को राष्ट्रीय स्तर पर जल प्रबंधन का मॉडल जिला बना दिया है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ नागार्जुन बी गौड़ा को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किया। इसी मंच पर खरगोन जिले की कलेक्टर भव्या मित्तल को उत्कृष्ट जल संरक्षण कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। भव्या मित्तल खंडवा कलेक्टर की पत्नी है।

पूरे देश के लिए मॉडल बना खंडवा:
जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग की तरफ से यह अभियान 6 सितंबर 2024 से शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य कम लागत, वैज्ञानिक विधियों और जनभागीदारी के माध्यम से भूजल पुनर्भरण को बढ़ावा देना है। खंडवा कलेक्टर ने इस अभियान को जन आंदोलन का स्वरूप दिया। खंडवा जिले का यह पूरा अभियान केवल शासन- प्रशासन का नहीं रहा, बल्कि ग्राम पंचायतों, स्थानीय समुदायों, युवा समूहों और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी को इसका मुख्य आधार माना गया। खेत तालाबों से लेकर पहाड़ी जल संरचनाओं तक, हर स्तर पर ग्रामीणों ने श्रमदान और सहयोग दिया। इसका रिजल्ट ये रहा कि खंडवा जिले ने वह मुकाम हासिल किया, जहां से अब यह पूरे देश के लिए मॉडल बन चुका है।

इनका कहना है:
खंडवा की कावेश्वर पंचायत में बीते वर्षों में किए गए प्रभावी जल संरक्षण कार्यों ने राष्ट्रीय स्तर पर एक उदाहरण पेश किया है। पंचायत को इसके लिए 1.50 लाख रुपये की नकद राशि एवं ट्रॉफी प्रदान की गई। कावेश्वर पंचायत ने जल प्रबंधन के लिए वैज्ञानिक पद्धतियों का उपयोग करते हुए पहाड़ी क्षेत्र को ‘रिज टू वैली’ सिद्धांत के आधार पर विकसित किया। इसके अंतर्गत-लगभग 50 हेक्टेयर क्षेत्र में कंटूर, 55 गली प्लग, 35 पोखर तालाब, वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, हैंडपंप रिचार्ज, बोरवेल रिचार्ज, रिचार्ज शाफ्ट सहित अनेक संरचनाओं का निर्माण किया गया। इसके साथ ही कावेरी नदी के उद्गम कुंड का जीर्णोद्धार भी पंचायत की बड़ी उपलब्धियों में शामिल है।
ऋषव गुप्ता, कलेक्टर खंडवा