नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की ओर से आंदोलन समाप्ति के एलान और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के तुरंत बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस की। राहुल गांधी ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि जो भारतीय शिक्षा व्यवस्था कभी दुनिया में सबसे बेहतरीन मानी जाती थी, उस पर पिछले कुछ वर्षों में लगातार हमले किए गए हैं, उस पर कब्जा कर लिया गया है और उसका निजीकरण कर दिया गया है। राहुल गांधी ने कहा कि यह देश के छात्रों की जीत है और शिक्षा प्रणाली की रक्षा की एक बड़ी प्रतिक्रिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो शिक्षा प्रणाली कभी भारत की शान हुआ करती थी, उस पर पिछले कुछ वर्षों से लगातार हमले हो रहे हैं, उसका व्यवसायीकरण किया जा रहा है और उस पर वैचारिक कब्जा जमाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने निवर्तमान शिक्षा मंत्री को इस प्रशासनिक नाकामी, भ्रष्टाचार और शिक्षा व्यवस्था के विनाश का प्रतीक बताते हुए कहा कि उनका जाना सही कदम है, लेकिन समस्या केवल एक व्यक्ति के हटने से खत्म नहीं होती।




