सिंधु जल संधि को लेकर पाक ने किया अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार

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इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने हाल ही में इस्लामाबाद के जिन्ना कन्वेंशन सेंटर में एक अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार आयोजित किया। इसका शीर्षक था सिंधु जल संधि- शांति और क्षेत्रीय स्थिरता का एक साधन । इसमें पाकिस्तान ने दुनिया के कुछ देशों के एक्सपर्ट्स को आमंत्रित किया था और इस दौरान पाकिस्तान के नेताओं ने अलग- अलग लहजे में भारत को धमकियां दी। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत पानी को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहा है । पाकिस्तान ने इस सेमिनार को उस तरह पेश करने की कोशिश की और अंतर्राष्ट्रीय दखल की मांग की जैसे वो परमाणु हथियारों को टकराव का केन्द्र बनाकर दुनिया को दिखाता है उसने सिंधु जल संधि को एशिया की स्थिरता और परमाणु टकराव से जोड़ दिया, लेकिन भारत का मानना है कि सिंधु जल संधि भले ही 1960 में हुई थी लेकिन अब यह आज की हाइड्रोलॉजिकल, तकनीकी और सुरक्षा से जुड़ी वास्तविकताओं को नहीं दर्शाती है | सिंधु जल को लेकर पाक के जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ. मुसादिक मलिक ने कहा कि हम उनके यानी भारत के हाथ काट देंगे।

बिलावल भुट्टो जऱदारी ने कहा था- खून बहेगा या पानी:
पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जऱदारी ने कहा कि या तो खून बहेगा या पानी। पाकिस्तान के इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने कहा अगर उन्होंने पानी रोका तो हम उनकी सांसें रोक देंगे। रिपोर्ट के मुताबिक भारत के रिसर्चर और जियो पॉलिटिकल एक्सपर्ट इमरान खुर्शिद ने लिखा- कि अहमद शरीफ चौधरी की यह बातें लश्कर- ए-तैयबा के संस्थापक हाफिद सईद के पहले के उस बयान से मिलती-जुलती है जिसमें उसने कहा था कि अगर तुम पानी रोकोगे तो हम तुम्हारी सांसें रोक देंगे।