नई दिल्ली (मध्य स्वर्णिम): ईरान ने अपने दिवंगत सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में भारत की आधिकारिक भागीदारी के लिए भारत सरकार और लोगों का सार्वजनिक रूप से आभार व्यक्त किया है। भारत में ईरान के दूतावास ने अपने संदेश में कहा कि भारत की मौजूदगी दोनों देशों के बीच गहरे ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और मानवीय संबंधों का प्रतीक है। ईरान ने मित्रता, संवेदना और पारस्परिक सम्मान का ऐसा भाव बताया जिसे ईरानी जनता कभी नहीं भूलेगी । ईरान की ओर से जारी बयान में विशेष रूप से भारत के उस आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल का उल्लेख किया गया, जिसने तेहरान पहुंचकर दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की। भारतीय प्रतिनिधिमंडल में केंद्रीय मंत्री पबित्र मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन शामिल थे । दूतावास ने कहा कि विभिन्न राजनीतिक नेताओं, सांसदों, विद्वानों और भारत के अलग-अलग धार्मिक समुदायों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति ने दोनों देशों के पारंपरिक संबंधों को मजबूत किया है । ईरानी दूतावास ने अपने संदेश में कहा कि यह है। केवल एक औपचारिक राजनयिक यात्रा नहीं थी, बल्कि राष्ट्रीय शोक की घड़ी में ईरान के लोगों के प्रति भारत की एकजुटता और सम्मान का प्रतीक थी । ईरान ने भारत को मित्र देश बताकर कहा कि इस कठिन समय में मिला यह समर्थन हमेशा याद रखा जाएगा।




